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    18,900 मरीजों ने हेपेटाइटिस सी को दी मात: टैटू और शेविंग से बढ़ रहा खतरा, जानिए कैसे हो रहा इलाज

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 05:13 PM (GMT+05:30)

    संभल जिला अस्पताल में 2022 से अब तक 25,000 हेपेटाइटिस सी मरीजों में से 18,900 स्वस्थ हो चुके हैं। युवाओं में टैटू, बिना सफाई के उस्तरे और झोलाछाप डॉक् ...और पढ़ें

    डॉ. आंचल मल्होत्रा

    डॉ. आंचल मल्होत्रा

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    1. हरेक मरीज का हो रहा तीन महीने तक इलाज, स्वस्थ होने पर इलाज की जरूरत नहीं

    जागरण संवाददाता, संभल। हेपेटाइटिस सी जैसी गंभीर बीमारी को हराने की ताकत संभल के लोगों के खून में है। जिस बीमारी का नाम सुनकर लोगों को पसीना आ जाता हैं, उसी की चपेट में आने वाले लोगों ने पूरे जज्बे के साथ इलाज शुरु कराया और परिणाम भी अच्छे सामने आए। जी हां, जिला अस्पताल में इलाज कराने वाले हजार, पांच सौ नहीं बल्कि कई हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक करीब 25 हजार मरीजों का इलाज हुआ है तो इनमें से 18900 मरीज ठीक हो चुके हैं।

    जिला अस्पताल में तैनात डाॅ. आंचल मल्होत्रा मरीजों का इलाज कर रही हैं। डाक्टर के अनुसार, रोजाना 15 से 20 हेपेटाइटिस सी के मरीज आ रहे हैं। इस समय प्रथम डोज के करीब 530, द्वितीय डोज के 468 और तृतीय डोज के 293 मरीज एक्टिव चल रहे हैं। मरीजों का तीन महीने तक इलाज किया जा रहा है।

    इलाज की अवधि पूरी होने पर फिर से वायरल लोड की जांच कराई जाती है। अगर मरीज ठीक हो जाता है तो फिर इलाज की जरूरत नहीं होती। खास बात यह है भी कि युवाओं और किशोरों को भी हेपेटाइटिस सी चपेट में ले रहा है लेकिन ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा अच्छा खासा होने के चलते इलाज को सफल भी माना जा रहा है।

    जो मरीज ठीक नहीं हुए हैं, उन्हें एलएलआरएम मेडिकल कालेज मेरठ भेज दिया जाता है। ऐसे मरीजों का फालोअप भी लिया जाता है। जिसमें उनके इलाज से लेकर ठीक होने की अवस्था के बारे में जानकारी ली जाती है। इसके अलावा जो किशोर हेपेटाइटिस की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें पीजीआई चाइल्ड हेल्थ ग्रेटर नोएडा भेजा जा रहा है। वहीं पर उनका इलाज होता है। किशोरों के स्वजन के संपर्क में रहकर जानकारी ली जाती है।

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    युवाओं में बीमारी की यह वजह

    युवाओं में भी हेपेटाइटिस सी की बीमारी फैल रही है। इसकी कई वजह सामने आ रही हैं। डाक्टर बताते हैं कि युवा हाथ या शरीर के दूसरे हिस्सों में टैटू गुदवाते हैं। कई तरह की बातें लिखवाने में एक ही मशीन का बिना सफाई के लगातार इस्तेमाल कर लिया जाता है।

    इसके अलावा नाई की दुकान पर उस्तरे से दाढ़ी बनवाने, झोलाछाप डाक्टर द्वारा एक ही सुईं से कई को इंजेक्शन लगवाने से हेपेटाइटिस सी के लक्षण आते हैं। इसलिए इन चीजों से बचाव करना जरूरी है।

     

    हेपेटाइटिस सी के मरीजों का पूरी एहतियात और निगरानी करते हुए इलाज किया जा रहा है। इसी के चलते ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी अच्छा खासा है। ऐसे मरीजों को पूरी हिम्मत के साथ इलाज कराना चाहिए।

    डॉ. आंचल मल्होत्रा, जिला अस्पताल, संभल


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