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15 साल पहले प्यार के लिए अपनाया था इस्लाम, अब संभल के कप्तान सिंह ने परिवार संग मांगी सनातन धर्म में वापसी की अनुमति

Updated: Mon, 17 Aug 2026 07:46 PM (IST)

कप्तान सिंह, जो 15 साल पहले प्रेम विवाह के लिए मुस्लिम बने थे, अब अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ सनातन धर्म में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ...और पढ़ें

परिवार के साथ मौजूद कप्तान खान

परिवार के साथ मौजूद कप्तान खान

HighLights

  1. अब पत्नी और तीन बच्चों समेत सनातन धर्म में वापसी की मांग रहे अनुमति

संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। बहजोई के गांव आढ़ौल निवासी कप्तान सिंह करीब 15 वर्ष पहले प्रेम विवाह के लिए मुस्लिम बन गए थे, लेकिन अब उन्होंने पत्नी और तीन बच्चों के साथ दोबारा सनातन धर्म में लौटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने 17 अगस्त 2026 को डीएम को प्रार्थना पत्र देने के लिए आए लेकिन दे नहीं सके, हालांकि अपने अधिवक्ता से प्रार्थना पत्र तैयार करा लिया। वह परिवार समेत हिंदू धर्म स्वीकार करने की अनुमति मांगी रहे हैं।

कप्तान सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से हाथरस जनपद के गांव गढ़ी जैनी के रहने वाले हैं और जन्म से हिंदू सनातनी और ठाकुर जाति से हैं। करीब 15 वर्ष पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी मुस्कान से अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने का निर्णय लिया था।

उनका दावा है कि विवाह से पहले मुस्कान के परिवार वालों ने उनके सामने शर्त रखी कि मुस्लिम धर्म स्वीकार करने के बाद ही शादी होगी। मुस्कान से विवाह करने की इच्छा में उन्होंने उस समय मुस्लिम धर्म अपना लिया और कप्तान सिंह से मौहम्मद कप्तान खान बन गए।

विवाह के बाद करीब आठ वर्ष पहले वह संभल के आढ़ौल गांव में आकर रहने लगे और भट्ठों पर मजदूरी करने लगे। उन्होंने प्रार्थना पत्र में बताया है कि मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद मतदाता पहचान पत्र और आधार समेत अन्य अभिलेखों में भी उनका और परिवार के सदस्यों का नाम मुस्लिम नामों के अनुसार दर्ज हो गया।

अब करीब 15 वर्ष बाद उन्होंने पत्नी और तीन बच्चों के साथ अपनी इच्छा से सनातन धर्म में वापस आने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से विधि-विधान और वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ हिंदू धर्म स्वीकार करने की अनुमति मांगी है।

साथ ही अपना पैतृक नाम कप्तान सिंह रखने, पत्नी का नाम मुस्कान देवी, बड़े पुत्र का नाम कुणाल सिंह, दूसरे पुत्र का नाम विवेक सिंह और पुत्री का नाम सुनैना रखने की इच्छा जताई है।

प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि वह यह कदम बिना किसी दबाव या किसी के बहकावे में आकर नहीं, बल्कि अपनी इच्छा से उठा रहे हैं। कप्तान खान की पत्नी मुस्कान ने बताया कि अब उसे मुस्लिम धर्म में दिलचस्पी नहीं रही है।

पिछले 15 वर्षों के दौरान वह पति के साथ रही है लेकिन यहां पश्चिम बंगाल जैसा माहौल नहीं रहा, जिससे मुस्लिम धर्म की रीति रिवाज पूरी तरह से नहीं अपनाई और कप्तान के सगे संबंधियों सम्बन्धियों के साथ बातचीत करके हिंदू धर्म अच्छा लगने लगा है।

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