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    नए थाने, ATS यूनिट और PAC के साथ संभल का सुरक्षा तंत्र बदलेगा; जानें सरकार का बड़ा प्लान

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:28 PM (IST)

    संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के बाद जिले की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की संभावना है। सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी निगरानी, नए थ ...और पढ़ें

    संभल जामा मस्जिद पर तैनात आरआरएफ के जवान। जागरण

    संभल जामा मस्जिद पर तैनात आरआरएफ के जवान। जागरण

    HighLights

    1. कानून-व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी निगरानी और प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने पर सरकार ले सकती है निर्णय

    जागरण संवाददाता, बहजोई (संभल)। संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होने के बाद जिले की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े प्रशासनिक बदलावों की संभावना बढ़ गई है। रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र मजबूत करने, प्रशासन और पुलिस के बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं पर समय रहते कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की प्रभावी निगरानी पर जोर दिया गया है।

    रिपोर्ट के मद्देनजर सरकार संभल में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए नए प्रशासनिक ढांचे पर भी विचार कर सकती है। सबसे प्रमुख बात यह है कि जिस स्थान पर हिंसा हुई और वहां से कौन-कौन से रास्ते आगे तक फैली पुलिस के बचाव के क्या व्यापक इंतजाम थे और निकट भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए कहां-कहां सुरक्षा व्यवस्था की प्वाइंट बनाए जा सकते हैं।

    कितने अधिकारियों का पर्यवेक्षण और किस रैंक के अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी सौंप जा सकती है, इसका सुरक्षा का भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जिसमें विशेष पदों के सृजन या अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती जैसे विकल्पों पर निर्णय लिया जा सकता है।

    साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी पुलिस व्यवस्था, आधुनिक निगरानी तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मजबूत किए जाने की संभावना है। हालांकि इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट के बाद संभल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नीतिगत स्तर पर निर्णय लिए जाने की संभावना मानी जा रही है।

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    नई चौकियां, दो नए थाने और एटीएस यूनिट तक हुई तैनात

    पहले जामा मस्जिद के सामने सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया, जो महज 99 दिनों में तैयार होकर जिले की पहली दो मंजिला हाईटेक चौकी बनी। यहां जिला कंट्रोल रूम, सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेंटर और आधुनिक संचार व्यवस्था स्थापित की गई, जहां से शहर की सुरक्षा पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

    इसके बाद संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के लिए रायसत्ती और बबराला में नए थानों की स्थापना का निर्णय लिया गया और दोनों थाने अस्तित्व में आ गए। इसके अलावा खग्गू सराय, हिंदूपुरा खेड़ा और दीपा सराय समेत जिले में कुल 45 नई पुलिस चौकियां स्थापित की गईं।

    शहर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है। इस परियोजना पर करीब 2.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

    सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुरादाबाद जोन की पहली स्थायी एटीएस यूनिट भी संभल में स्थापित की गई, जिसका संचालन फिलहाल सत्यव्रत चौकी से किया जा रहा है, जबकि हल्लू सराय में इसका स्थायी कार्यालय बनाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही जिले में पीएसी की पांच और आरआरएफ की पांच कंपनियां तैनात की गईं।

     

    संभल की सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया गया है। नए थाने, चौकियां, सीसीटीवी और एटीएस यूनिट स्थापित की गई हैं। पीएसी वाहिनी के लिए लगभग 98 प्रतिशत भूमि क्रय हो चुकी है और जल्द स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भविष्य की जरूरतों के अनुसार सुरक्षा तंत्र लगातार सुदृढ़ किया जाएगा।

    - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।


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