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    बहन ने भाई को ही बना दिया कातिल, हत्या को हादसा बनाने का प्लान हुआ फेल तो खुद ही उगल दिया राज

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 01:24 PM (GMT+05:30)

    संभल में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जिसमें पत्नी नेहा गौतम, उसके भाई अरुण और प्रेमी रंजीत ने मिलकर पति सनी की हत्या की साजिश रची। सनी शरा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पत्नी, भाई और प्रेमी ने मिलकर पति को मारा।

    2. शराब पिलाकर जंगल में गला घोंटकर हत्या की।

    3. हादसा दिखाने की कोशिश नाकाम, तीनों गिरफ्तार।

    जागरण संवाददाता, संभल। जनपद में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए पति की हत्या के पीछे पत्नी, उसके भाई और प्रेमी की साजिश को बेनकाब किया है।

    यह मामला न केवल अवैध संबंधों और पारिवारिक कलह से जुड़ा है, बल्कि इसमें हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और घटना को हादसा दिखाने की पूरी योजना भी बनाई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जब कड़ाई से जांच की तो पूरे षड्यंत्र की परतें खुलती चली गईं।

    यह है पूरा मामला

    दरअसल, दो जनवरी को जुनावई थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव पूरन पट्टी के जंगल में एक युवक का शव लावारिस हालत में बरामद हुआ था। उसकी तस्वीर को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के बाद शव की शिनाख्त सनी निवासी मोहल्ला ओढ़पुरा थाना हाथरस गेट जनपद हाथरस के रूप में उसकी पत्नी नेहा गौतम और मृतक के भाई महादेव ने की।

    शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गला घोंटकर हत्या किए जाने, पसलियां टूटने और लीवर क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मामला हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। जांच के दौरान पत्नी नेहा गौतम से गहन पूछताछ की गई।

    पूछताछ में सामने आया कि उसका मायका गांव नीवरी थाना कासगंज जनपद कासगंज में है और वह पति के साथ हाथरस में रहती थी। आरोप है कि सनी शराब पीकर उसे परेशान करता था और मथुरा व हाथरस में अलग-अलग मामलों में जेल भी जा चुका था। उसने अपनी काफी संपत्ति बेच दी थी, जिससे पारिवारिक तनाव बढ़ गया था।

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    इसी दौरान नेहा के अपने चचेरे भाई अरुण और जुनावई थाना क्षेत्र के गांव सैमला करनपुर निवासी रंजीत के साथ प्रेम संबंध हो गए, जो लगभग चार वर्ष पहले मुलाकात के बाद शुरू हुए थे और बाद में वह प्रेमी के साथ रहने लगी थी। इसके बावजूद पति द्वारा नेहा गौतम और उसके मायके वालों को लगातार परेशान किया जा रहा था।

    इसी से तंग आकर तीनों ने हत्या की साजिश रची। योजना के तहत नेहा ने 30 दिसंबर 2025 को अरुण और रंजीत को कासगंज बुलाया, 31 दिसंबर 2025 को पटियाली में तीनों की मुलाकात हुई और पति को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया गया।

    एक जनवरी 2026 को नेहा ने काम के बहाने सनी को बुलाया और शाम लगभग तीन बजे शराब पिलाने के लिए पैसे देकर अरुण व रंजीत से हत्या कराने को कहा। इसके बाद सनी को शराब पिलाकर जुनावई थाना क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया, जहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।

    शव को पेड़ से लटकाने और बाद में भूसे की बोंगी में बंद कर आग लगाने की योजना थी, लेकिन माचिस न मिलने पर बाइक से ले जाते समय सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। तभी एक दुग्ध वाहन आता देख दोनों आरोपित शव को जंगल में फेंककर फरार हो गए।

    एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मामले का पर्दाफाश करते हुए तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की और थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान व उनकी टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।