संभल बीमा फर्जीवाड़ा: जीवित बहन को 'मृत भाभी' बनाकर हड़पे 2 लाख, अलीगढ़ फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से खुला राज
मोहित और उसकी बहन शालू ने मृत भाभी की जगह बहन को पत्नी बनाकर फर्जी खाता खोला और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 2 लाख रुपये का क्लेम लेने क ...और पढ़ें

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HighLights
अब बैंक, दस्तावेज और बीमा नेटवर्क की कड़ियां जांच के घेरे में
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। दो लाख रुपये के प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का क्लेम हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का ऐसा जाल बुना गया कि बैंक खाता गांव से करीब 40 किमी दूर खुलवाया गया, जिसका संबंध न तो ब्लाक और थाने से हैं और न ही महिला के मायके या किसी रिश्तेदारी से।
फिलहाल इस मामले ने अंतरराज्यीय बीमा फर्जीवाड़ा गिरोह की कार्यशैली की याद दिला दी है। जिसमें पति पत्नी बनकर फर्जीवाड़ा करने वाले सगे भाई बहन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।
अब पुलिस न केवल संबंधित तत्कालीन बैंक कर्मियों की कार्यशैली की जांच करेगी बल्कि यह भी जांच की कड़ी रहेगी कि यह फर्जीवाड़ा बीमा गिरोह से जुड़ा हुआ तो नहीं है, क्या मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनाए गए या फिर दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल और एमसीडी की तरह अलीगढ़ नगर निगम और संबंधित अस्पताल में जड़े फैली है।
दरअसल, रजपुरा पुलिस ने दो अगस्त को केसरपुर की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक राहुल अग्रवाल की शिकायत पर धनारी थाना क्षेत्र के गांव कल्हा के मोहित कुमार और उसकी बहन शालू के विरुद्ध फर्जी तरीके से खाता खोलकर और बीमा लेने की रिपोर्ट दर्ज की थी।
इसमें धनारी थाना क्षेत्र के गांव कल्हा निवासी मोहित कुमार ने आठ नवंबर 2023 को अपने गांव से करीब 40 किमी दूर रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव केसरपुर स्थित सर्व यूपी प्रथमा ग्रामीण बैंक में मृत चचेरी भावी राजकुमारी के नाम एक खाता खुलवाया।
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इसमें वह खुद चचेरा भाई सुमित बना और अपनी सगी बहन शालू को चचेरे भाई सुमित कुमार की पत्नी राजकुमारी के रूप में दर्शाकर फर्जी आधार कार्ड लगाया। दो लाख रुपये का क्लेम हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किया।
शाखा प्रबंधक राहुल अग्रवाल ने अभिलेखों का सत्यापन किया तो पता चला कि राजकुमारी की वास्तविक मृत्यु 18 दिसंबर 2021 को हो चुकी थी और 24 फरवरी 2022 को ग्राम पंचायत से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हो चुका था।
इसके बावजूद 18 सितंबर 2024 की तिथि दर्शाते हुए अलीगढ़ नगर निगम से दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया गया और उसी के आधार पर बीमा क्लेम का आवेदन किया गया।
मतदाता सूची में मोहित की वास्तविक पत्नी मोहिनी है
जांच में यह भी सामने आया कि मोहित की वास्तविक पत्नी मोहिनी गांव की मतदाता सूची में क्रम संख्या 151 पर दर्ज है, जबकि मृतका राजकुमारी का नाम क्रम संख्या 154 पर दर्ज है। फर्जी खाते में सुमित कुमार के स्थान पर मोहित ने अपना फोटो और राजकुमारी के स्थान पर अपनी बहन शालू का फोटो लगाया।
अलीगढ़ से कैसे बना दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र, अस्पताल की भी जांच के घेरे में
राजकुमारी की वास्तविक मृत्यु दिसंबर 2021 में होने के बावजूद सितंबर 2024 की तिथि दर्शाकर दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र अलीगढ़ नगर निगम से जारी कराया गया। दस्तावेजों में मृत्यु अलीगढ़ के एक अस्पताल में होना भी दर्शाया गया है।
अब पुलिस जांच करेगी कि प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार कराया गया या इसमें किसी स्तर पर सांठगांठ हुई। इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां भी जांच का अहम हिस्सा होंगी।
27 मुकदमे, 74 से अधिक गिरफ्तार...
संभल पुलिस ने वर्ष 2025 में अंतरराज्यीय बीमा फर्जीवाड़ा गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद के 12 थाना क्षेत्रों समेत आसपास के जिलों में दर्ज 27 मुकदमों में 74 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
गिरोह की पहुंच यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार समेत 12 राज्यों तक मिली थी। फिलहाल अधिकांश आरोपित जमानत पर बाहर हैं। 25 पर गैंग्स्टर लग चुकी है, तीन की संपत्ति कुर्क हो चुकी है, जबकि 22 अन्य आरोपितों की संपत्तियों का सत्यापन कुर्की की कार्रवाई के लिए किया जा रहा है।