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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP Politics: गीता प्रेस को शांति पुरस्कार मिलने पर सवाल उठा रहे नेताओं को आचार्य प्रमोद ने बताया गलत, दी सलाह

    By Jagran NewsEdited By: Shivam Yadav
    Updated: Mon, 19 Jun 2023 11:46 PM (IST)

    UP Politics- लखनऊ लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके व प्रियंका गांधी के नजदीकी नेताओं में शुमार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भाजपा तो ...और पढ़ें

    उन्होंने कहा कि गीता प्रेस से हिंदू जनमानस की आस्था जुड़ी है।
    उन्होंने कहा कि गीता प्रेस से हिंदू जनमानस की आस्था जुड़ी है।

    संभल, जागरण संवाददाता: गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने पर कुछ कांग्रेसी नेताओं के सवाल खड़ा करने को कल्कि पीठाधीश्वर व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने गलत बताया है। लखनऊ लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके व प्रियंका गांधी के नजदीकी नेताओं में शुमार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भाजपा तो चाहती है कि कांग्रेस हिंदू विरोधी पार्टी घोषित हो जाए। इसमें उसकी मदद कांग्रेस के ही कुछ नेता बयान के जरिए कर रहे हैं। 

    आचार्य प्रमोद ने कहा कि भाजपा का काम वह आसान कर रहे हैं। मुझे ऐसा लगता है कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के इस बयान से पार्टी में शीर्ष पद पर बैठे राजनेता सहमत नहीं होंगे। कांग्रेस के ऐसे नेता अपने बयानों के जरिए भाजपा को ही समय समय लाभ पहुंचाने काम करते हैं। 

    उन्होंने कहा कि गीता प्रेस से हिंदू जनमानस की आस्था जुड़ी है। करोड़ों लोग गीता प्रेस से जुड़े हैं। इसकी धार्मिक किताबें आज भी हिंदू घरों के पूजा घर में पूजी जाती है। ऐसे में इस पर बयान पूरी तरह गलत है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ऐसे अनर्गल बयान नहीं देना चाहिए। गीता प्रेस भाजपा का नहीं है। गीताप्रेस की स्थापना को 100 साल हाे चुके हैं। यह तब अस्तित्व में आया जब भाजपा का वजूद नहीं था। मेरे राय से गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देने का निर्णय सराहनीय है।