विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

संतकबीर नगर के बखिरा झील में उतरेंगे विदेशी परिंदे, बर्ड फ्लू के खतरे पर रहेगी नजर

Published: Sat, 24 Oct 2026 02:51 PM (IST)

सर्दियों में बखिरा झील में प्रवासी पक्षियों के आगमन के साथ बर्ड फ्लू के खतरे पर नजर रखी जाएगी। सितंबर ...और पढ़ें

बखिरा झील में उतरेंगे विदेशी परिंदे। जागरण

बखिरा झील में उतरेंगे विदेशी परिंदे। जागरण

HighLights

  1. बखिरा झील में बर्ड फ्लू के खतरे पर रहेगी नजर।

  2. सितंबर से मार्च तक पक्षियों के नमूने लिए जाएंगे।

  3. वन और पशुपालन विभाग मिलकर करेंगे निगरानी।

हरिशंकर साहनी, बखिरा। सर्दियों की आहट के साथ ही बखिरा झील में विदेशी मेहमानों की आमद शुरू होने लगी है। हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर आने वाले प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार रहने वाली इस रामसर साइट पर अब बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर भी सतर्कता जरूरी है।

प्रदेश में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) की निगरानी के लिए रामसर और अन्य महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों में निगरानी स्थलों की संख्या 18 से बढ़ाकर 26 किए जाने के फैसले के बाद बखिरा झील की निगरानी व्यवस्था पर भी नजर रहेगी।

बखिरा झील संतकबीरनगर जिले की प्रमुख प्राकृतिक धरोहर है। यहां हर साल सर्दियों में बड़ी संख्या में प्रवासी जलपक्षी पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड के अनुसार, बखिरा पक्षी विहार में प्रतिवर्ष 23 से अधिक प्रजातियों के हजारों की संख्या में शीतकालीन जलपक्षी आते हैं। ऐसे में पक्षियों की सुरक्षा के साथ किसी संक्रामक बीमारी के संभावित प्रसार पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है।

हर महीने नमूने लेने की तैयारी

प्रस्तावित निगरानी व्यवस्था के तहत सितंबर से मार्च तक प्रवासी पक्षियों के मौसम में प्रत्येक निगरानी स्थल से हर महीने नमूने एकत्र किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पक्षियों में एवियन इन्फ्लुएंजा के संभावित संक्रमण की समय रहते पहचान करना है। बखिरा झील में निगरानी के दौरान मृत या असामान्य व्यवहार करने वाले पक्षियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। किसी पक्षी की असामान्य मौत होने पर वन विभाग और पशुपालन विभाग के बीच तत्काल सूचना साझा करना अहम रहेगा।

वन विभाग और पशुपालन विभाग की भूमिका अहम

बखिरा पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की निगरानी के साथ पशुपालन विभाग की स्वास्थ्य संबंधी जांच और नमूना संग्रह की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, बखिरा झील को इस बार के 26 निगरानी स्थलों की सूची में शामिल किए जाने और यहां नमूना संग्रह की तिथियों की स्थानीय स्तर पर आधिकारिक पुष्टि की जानी बाकी है।

सीबीओ सुरेश तिवारी ने बताया कि प्रति वर्ष पक्षियों के बीट का सैंपल लिया जाता है। इसे जांच के लिए आई बी आर आई बरेली भेजा जाता है। अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें- संत कबीर नगर में बांस-बल्ली के सहारे घरों तक पहुंच रही बिजली, विद्युत पोल की मांग को लेकर प्रदर्शन

यदि कोई मृत या बीमार पक्षी दिखाई दे तो उसे न छुएं और न ही स्वयं नमूना लेने का प्रयास करें। इसकी सूचना वन विभाग या पशुपालन विभाग को दें। समय पर जांच, विभागीय समन्वय और जन-जागरूकता से पक्षियों तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़ें- संत कबीर नगर में यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के परीक्षार्थियों की संख्या में कमी, इस बार 52,917 छात्र होंगे शामिल



देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।