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    धनघटा विधायक गणेश चौहान का रिपोर्ट कार्ड: विकास की राह और अधूरी चुनौतियां

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 01:19 AM (IST)

    धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान के रिपोर्ट कार्ड में सड़कों के जाल बिछाने और बुनियादी सुविधाओं में प्रगति का उल्लेख है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सड़कों का जाल बिछा, बुनियादी सुविधाओं में प्रगति।

    2. रामजानकी मार्ग, महिला महाविद्यालय जैसे बड़े कार्य अधूरे।

    3. सुबखरी सीएचसी परियोजना अभी भी लंबित, चुनौती बनी।

    बुद्धिसागर मिश्र, संतकबीरनगर। विधानसभा में सात बार बोलने का अवसर मिला तो भाजपा विधायक गणेश चंद्र चौहान ने धनघटा की समस्याओं को प्रमुखता से सदन में रखा। राजनीतिक गलियारों में सक्रियता से अधिक उन्होंने क्षेत्र में आमजन के बीच मौजूदगी बनाए रखी। योजनाओं और परियोजनाओं की लगातार समीक्षा की, लेकिन कई बड़ी और वर्षों से लंबित परियोजनाओं को अपेक्षित गति नहीं दिला सके।

    क्षेत्र में सड़कों का जाल तो बिछा लेकिन बड़े कार्य करवाना विधायक के लिए अब भी चुनौती है। अब कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में अधूरे कार्यों को पूरा कर अपने रिपोर्ट कार्ड को बेहतर बनाने की चुनौती उनके सामने है। गोरखपुर, बस्ती और आंबेडकर नगर की सीमाओं से सटा धनघटा विधानसभा क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

    धनघटा विधानसभा क्षेत्र के वोटर

    • कुल मतदाता - 350084
    • पुरुष- 193566
    • महिला- 156514

    फाग सम्राट रंगपाल हरिहरपुर की कर्मभूमि और वीर चक्र विजेता बलिदानी सत्यवान सिंह की जन्मस्थली घोरांग इसी क्षेत्र में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से राजनीति में आए गणेश चंद्र चौहान का सफर संघर्षो से भरा रहा।

    सामान्य परिवार से निकलकर सफाईकर्मी की नौकरी करने वाले गणेश पहली बार विधायक बने तो संस्कृत में शपथ लेकर चर्चा में आए। जनसंपर्क उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत मानी जाती है। उनके कार्यकाल में सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में प्रगति हुई है।

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    धनघटा आज पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और रामजानकी मार्ग से संपर्क में है। क्षेत्र में कई नई सड़कें बनीं और प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण भी हुआ। हालांकि, राम वन गमन मार्ग के रूप में पहचाने जाने वाले रामजानकी मार्ग का सुंदरीकरण अभी तक फाइलों में ही है।

    रामपुर बाराकोनी से सिकरीगंज तक लगभग 40 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने, पौधारोपण और भगवान श्रीराम-सीता के जीवन प्रसंगों पर आधारित कलाकृतियां स्थापित करने की योजना अब भी अधूरी है। वहीं, काशी से कबीर को जोड़ने वाले फोरलेन मार्ग की मांग भी उन्होंने कई बार उठाया, लेकिन इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है।

    विधानसभा क्षेत्र में आईटीआइ और राजकीय पालिटेक्निक की स्थापना तकनीकी शिक्षा के लिहाज से बड़ी उपलब्धि रही। इसके बावजूद राजकीय महिला महाविद्यालय का अभाव बना हुआ है।

    उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को आज भी दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विधायक ने सिकरीगंज से गीडा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार संतकबीरनगर तक करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है, लेकिन इस दिशा में अभी ठोस प्रगति नहीं हुई है।

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    सिरसी में लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनने से ग्रामीण खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिली हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य के मोर्चे पर सबसे बड़ी चुनौती सुबखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।

    वर्ष 2013 से लंबित यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी। हालांकि एसआईटी जांच के बाद शेष निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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    विधायक की जुबानी

    मेरे कार्यकाल में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। सुबखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण वित्तीय अनियमितताओं और एसआईटी जांच के कारण वर्षों तक रुका रहा, लेकिन अब सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं। शेष निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और जल्द काम पूरा होगा। बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। चौरा विद्युत उपकेंद्र चालू हो चुका है, जबकि लोहरैया में 7.5 करोड़ रुपये की लागत से नए उपकेंद्र का निर्माण स्वीकृत है। 60 नई सड़कों का निर्माण कराया गया है, 36 और सड़कों के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं तथा आठ प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण कराया गया है। 25 जून को मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इनके पूरा होने के बाद धनघटा विधानसभा की दशा और दिशा में बड़ा बदलाव दिखाई देगा।

    -गणेश चंद्र चौहान, विधायक, धनघटा विधानसभा

    प्रतिद्वंद्वी बोले-

    विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। पूर्ववर्ती सरकार के समय शुरू हुई शिवबखरी के निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत कई विकास परियोजनाएं आज भी अधूरी हैं। यदि इन योजनाओं को समय पर पूरा कराया गया होता तो क्षेत्र की जनता को उनका लाभ मिल रहा होता।

    -अलगू प्रसाद चौहान, मुख्य प्रतिद्वंद्वी

    जनता की राय

    विधायक गणेश चंद्र चौहान ने अपनी विधायक निधि से कई विद्यालयों के भवन निर्माण में सहयोग दिया है। वे जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी सरकारी पहल भी सराहनीय है।

    -अवध नारायण मिश्र, शिक्षक

     

    तहसील मुख्यालय पर कर्मचारियों की भारी कमी है और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। कई काम प्रभावित होते हैं। स्थानीय विधायक को तहसील और अधिवक्ताओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए और प्रभावी पहल करनी चाहिए।

    -शिव प्रसाद राय, वरिष्ठ अधिवक्ता

     

    सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर देने का प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निजी उद्योगों और कल-कारखानों का अभाव है। यदि औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों तो क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

    -अशोक कुमार मिश्र, युवा

     

    विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभी और काम किए जाने की जरूरत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं और पौली (शिवबखरी) सीएचसी का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है।

    -डा. शशांक, चिकित्सक