गोरखपुर शामली पानीपत एक्सप्रेसवे पर यहां बनेगा इंटरचेंज, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए मेंहदावल तहसील के पांच गांवों में भूमि की चौड़ाई 90 मीटर से बढ़ाकर 140 मीटर की जाएगी।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए पांच गांवों में 90 की जगह 140 मीटर ली जाएगी जमीन।
HighLights
मेंहदावल के पांच गांवों में भूमि की चौड़ाई 140 मीटर होगी।
कौवाठोर में गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज बनेगा।
अतिरिक्त भूमि इंटरचेंज, टोल प्लाजा और सुविधाओं के लिए है।
अतुल मिश्र, मेंहदावल। गोरखपुर-शामली पानीपत एक्सप्रेसवे को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। अब मेंहदावल के कौवाठोर में इंटरचेंज बनने की संभावना बढ़ गई है। इससे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। यहां से सड़क पर लोगों को चढ़ने उतरने की सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की 3ए अधिसूचना के तहत तहसील के 26 गांवों में 202.084 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसी बीच पांच गांवों में सामान्य 90 मीटर की जगह 140 मीटर चौड़ाई में भूमि लेने का प्रस्ताव आया है, जिससे इंटरचेंज बनने की चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार मेंहदावल तहसील के बढ़या, इंदरपुर, डुमरिया बाबू, पेंडारी कला और मईला गांव में 140 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है। अतिरिक्त 50 मीटर भूमि पर इंटरचेंज के रैंप, लूप, टोल प्लाजा, पार्किंग और वेसाइड एमेनिटीज जैसी सुविधाएं विकसित की जाती हैं। सामान्य एक्सप्रेसवे के लिए 90 मीटर भूमि पर्याप्त होता है, लेकिन जहां इंटरचेंज बनता है वहां अतिरिक्त भूमि की जरूरत पड़ती है।
22.5 किमी हिस्सा मेंहदावल से गुजरेगा
लगभग 747 किमी लंबा और 35 हजार करोड़ की लागत वाला यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली होते हुए पानीपत तक जाएगा। इसका 22.5 किमी हिस्सा मेंहदावल तहसील से गुजर रहा है। मेंहदावल क्षेत्र से गुजरने पर यहां के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज, सिद्धार्थनगर आपस में सीधे कनेक्ट हो सकेंगे।
ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे का कार्य प्रगति पर
अधिग्रहण की प्रक्रिया की बात करें तो प्राथमिक सर्वे पूरा हो चुका है। वर्तमान में राजस्व विभाग, एसएलएओ और एन एचएआई की संयुक्त टीम ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे कर गाटों का सत्यापन कर रही है। सत्यापन के बाद 3ए की अंतिम अधिसूचना और फिर थ्रीडी गजट प्रकाशित होगा। उसके बाद मुआवजे का निर्धारण किया जाएगा। निर्माण कार्य 2026 में शुरू कर ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को होगा फायदा
इंटरचेंज बनने से पांच गांवों के साथ-साथ आसपास के 15 से 20 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। किसान अपने कृषि उत्पाद कम समय और कम लागत में गोरखपुर, बस्ती, दिल्ली, हरियाणा और नेपाल तक पहुंचा सकेंगे। पेट्रोल पंप, होटल और अन्य सुविधाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कुछ गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इंटर चेंज भी बनना है। यह सब प्रक्रिया का हिस्सा है। अभी ज्यादा इसपर कुछ कहा नहीं जा सकता। -अंकित कुच्छल, पीडी, एनएचएआई।
पांच गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव मिला है, जिसे जल्द पूरा कर, रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। -अल्पिका वर्मा, तहसीलदार, मेंहदावल।
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