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    संतकबीर नगर में 22 करोड़ की ठगी करने वाले दंपती के आधा दर्जन दफ्तरों पर पुलिस का छापा, तीन शहरों में एक साथ हुई कार्रवाई

    Updated: Sun, 24 May 2026 03:22 PM (IST)

    संतकबीर नगर में शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 22 करोड़ की ठगी करने वाले दंपती के लखनऊ, गोरखपुर और संतकबीर नगर स्थित आधा दर्जन दफ्तरों पर पुलिस ...और पढ़ें

    दंपती की निशानदेही पर लखनऊ,गोरखपुर और संतकबीर नगर में चली छापेमारी की कार्रवाई। जागरण

    दंपती की निशानदेही पर लखनऊ,गोरखपुर और संतकबीर नगर में चली छापेमारी की कार्रवाई। जागरण

    HighLights

    1. दंपती ने शेयर मार्केट में 22 करोड़ की ठगी की।

    2. पुलिस ने लखनऊ, गोरखपुर, संतकबीर नगर में छापे मारे।

    3. 50 लाख की कार, लैपटॉप, संपत्ति जब्त की गई।

    एसके सिंह, संतकबीर नगर। शेयर मार्केट में शर्तिया मुनाफा दिलाने का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले दंपती के लखनऊ, गोरखपुर और संतकबीर नगर स्थित आधा दर्जन दफ्तरों पर पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये मूल्य की कार, लैपटाप, आलमारी, कुर्सी, मेज, कार्यालयी उपकरण और अभिलेखीय साक्ष्य कब्जे में ले लिए।

    दो दिन की पुलिस कस्टडी में लिए गए ठगी के मास्टरमाइंड कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र के मुंडेरा उपाध्याय निवासी धनंजय शुक्ला और उसकी पत्नी रजनी प्रजापति की निशानदेही पर साइबर थाना और महुली पुलिस की संयुक्त टीम रूप से यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने लखनऊ के काकोरी, संतकबीर नगर के विधियानी व महुली के विश्वनाथपुर, तथा गोरखपुर के सहजनवां और गीडा स्थित दफ्तरों में गहन तलाशी ली। इस दौरान वहां रखे फर्नीचर, उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामान जब्त कर लिए गए।

    विवेचक ललितकांत ने बताया कि दंपती की निशानदेही पर बताए गए सभी कार्यालयों की जांच की गई है। छापेमारी से लेकर जब्तीकरण तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है। धनंजय और रजनी के निजी लैपटाप भी कब्जे में लिए गए हैं।

    लैपटाप की जांच के बाद पूरे गिरोह के नेटवर्क, ठगी की रकम और अन्य चल-अचल संपत्तियों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों कभी लखनऊ तो कभी विश्वनाथपुर और गीडा स्थित आफिस-कम-आवास में रहते थे। दोनों की जीवनशैली बेहद आलीशान थी और वे किया सोनेट टॉप माडल कार से सफर करते थे।

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    गोरखपुर में मिले छह बैंक खाते
    पुलिस जांच में अब तक दंपती के छह बैंक खाते सामने आए हैं। इनमें चार खाते टीवीएस साल्यूशन फर्म के नाम पर, जबकि एक-एक खाता धनंजय और रजनी के व्यक्तिगत नाम से संचालित था। ये सभी खाते गोरखपुर में खोले गए थे। इनमें चार खाते एचडीएफसी बैंक, एक पंजाब नेशनल बैंक और एक एक्सिस बैंक में हैं। पुलिस के अनुसार, खातों में जमा ठगी की रकम पहले ही निकाल ली गई थी।

    90 लाख में खरीदा था लखनऊ में मकान
    पुलिस ने दंपती की चल-अचल संपत्तियों की जांच भी तेज कर दी है। अब तक लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित बैली गार्डन में प्लाट नंबर-61 इनके नाम पर मिला है, जिसे करीब 90 लाख रुपये में खरीदा गया था। पुलिस टीम ने संबंधित बैंक खातों में जमा और निकासी पर रोक लगा दी है। साथ ही, चल-अचल संपत्तियों को चिह्नित कर जब्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।


    ठगी के मामले में गिरफ्तार धनंजय और रजनी को पूछताछ, अपराध से अर्जित संपत्तियों की बरामदगी और साक्ष्य संकलन के लिए 21 से 23 मई तक कोर्ट से पुलिस कस्टडी में लिया गया था। दोनों की निशानदेही पर पुलिस टीमों ने आरोपितों के ठिकानों और दफ्तरों पर छापेमारी कर कार समेत तमाम कार्यालयी संपत्ति बरामद की गई हैं।

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    -संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक