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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शाहजहांपुर में आफत बनी बाढ़; खन्नौत नदी खतरे के निशान से ऊपर, शहर की सड़कों पर आया पानी; कई मुहल्लों में जलभराव

    Updated: Wed, 10 Jul 2024 10:03 AM (IST)

    Flood In Shahjahanpur Update News नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण शाहजहांपुर जिले में कई मकान इसकी जद में आ गए हैं। लोग सुरक्षित स्थान पर जा रहे है। ख ...और पढ़ें

    खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर की सड़कों पर आए पानी के बीच से निकलते लोग व बच्चे। जागरण।
    खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर की सड़कों पर आए पानी के बीच से निकलते लोग व बच्चे। जागरण।

    HighLights

    1. जलस्तर बढ़ने से नदियों की तरफ जाने से लगाई रोक
    2. प्रशासन रख रहा है नदी के जलस्तर पर नजर

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। विभिन्न बांधों से छोड़ा गया पानी पहुंचने के बाद नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही खन्नौत का पानी शहर के लोदीपुर व रेती में सड़क के ऊपर आ गया है। कई मुहल्लों में जलभराव हो गया है।

    लोगों को नदी के किनारे और पुल पर न जाने की हिदायत दी गई है। गर्रा नदी में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिस कारण सुभाषनगर, ककरा का काफी क्षेत्र पानी से घिर गया है। हालांकि अभी नदी खतरे के निशान से नीचे है।

    रामगंगा में पानी बढ़ना शुरू

    गंगा, रामगंगा में भी पानी बढ़ना शुरू हो गया है। बांधों से नदियों में छोड़े जाने वाले पानी में कमी आई है। गंगा स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन शहर की दोनों नदियों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। रामगंगा व गर्रा उफान पर है। नदियों के किनारे पर बने मकान पानी से घिर गए हैं। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।

    गंगा में नरौरा बांध से एक लाख 15 हजार 180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। एक दिन पूर्व की तुलना में यह 13 क्यूसेक कम रहा। नदी का जलस्तर भैंसार तटबंध पर 141.08 ही रहा जो स्थिर है। यह खतरे के निशान से लगभग ढाई मीटर नीचे है। रामगंगा में विभिन्न बांधों से 40 हजार 102 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। 37 सेमी. की मामूली वृद्धि के बाद नदी का जलस्तर चौबारी घाट पर 160.22 मीटर बना हुआ है। यह खतरे के निशान 161.500 से अभी नीचे है।

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    हनुमतधाम दर्शन के लिए बंद

    दर्शन के लिए हनुमतधाम बंद कर दिया गया था।

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    जलस्तर अधिक होने पर हनुमतधाम को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए बंद कर दिया गया है। ककराकलां में नगर निगम का कार्यालय बन रहा है। यहां पर नदी का पानी दो तरफ से आ गया। अगर जलस्तर और अधिक बढ़ा तो निर्माण रोकने की स्थिति आ सकती है। इसी क्षेत्र में लोगों के घूमने के लिए बनाए गए जैव विविधता पार्क में भी जलभराव हो गया है। जिस कारण लोगों के आवागमन पर रोक लग गई है।