शाहजहांपुर नगर निगम का कारनामा: बाबुओं के रिश्तेदार घर बैठे उठा रहे थे ₹15 हजार तनख्वाह, 22 की सैलरी रुकी
शाहजहांपुर नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर तैनात 145 कर्मचारियों की जांच चल रही है, जिनमें से 22 निगम कर्मियों के ...और पढ़ें

शाहजहांपुर नगर निगम
HighLights
विधिक राय के बाद सेवा समाप्त करने की होगी कार्रवाई, शहर को चार जोन में बांटकर कराया जा रहा काम
अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर मनमाने ढंग से कर्मचारियों को भर्ती कर लिया गया। निगम में तैनात बाबू से लेकर तमाम अन्य कर्मचारियों ने अपने ही रिश्तेदारों या फिर अन्य करीबियों को सफाई कर्मचारी के पद पर लगवा दिया। तमाम तो घर बैठे ही पगार ले रहे थे।
वार्डों में सफाई व्यवस्था बदहाल हाेने पर अधिकारियों के पास शिकायतें पहुंचना शुरू हुईं तो नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई तो 145 कर्मचारियों के नाम सामने आए। जांच में 22 कर्मचारियों की पुष्टि होने पर उनका वेतन भी रोक दिया गया।
अब सेवा समाप्त करने के लिए विधिक राय ली जा रही है। जबकि अन्य के भी अभिलेख देखे जा रहे हैं। नगर निगम प्रशासन शहर को चार जोन में बांटकर चार संस्थाओं ग्रीन इंडिया, बी ट्रेडर्स, राजपूत विजन व साईंनाथ से सफाई व्यवस्था का कार्य करा रही है।
करीब 1300 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। जिसमे एक हजार सफाई कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर लगाए गए हैं, लेकिन उसके बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। नगर निगम में आये दिन शिकायतें पहुंच रहीं।
जिसमें सबसे ज्यादा शिकायतें बिना काम किए ही कर्मचारी मानदेय लेने की पहुंच रहीं थी। उन कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि निगम में तैनात बाबू से लेकर सफाई नायक व अन्य कर्मचारियों के ही यह करीबी है।
22 कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन भी करा लिया गया जिनका वेतन भी रोक दिया गया। इसो बाद परत दर परत खुलती गई तो अब तक 145 कर्मचारियों की संख्या सामने आ चुकी है। जिनकी जांच चल रही है।
मौखिक निर्देश पर हटे थे 45 कर्मचारी
नगर आयुक्त ने गत माह से इस तरह की मनमानी पर शिकंजा कसना शुरू किया था। गत माह मौखिक निर्देश पर ही करीब 45 कर्मचारियों को हटा दिया गया था जो किसी न किसी माध्यम से सिर्फ अभिलेखों में नौकरी कर निगम का बजट साफ कर रहे थे। प्रत्येक कर्मचारी को करीब 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।
35 कर्मचारियों की नाैकरी के नाम पर ठगी का आरोप
ग्रीन इंडिया टेक के सुपरवाइजर रवि कुमार पर 35 लोगों ने सफाई कर्मचारी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाया था।जिसमे किसी से 30 हजार तो किसी से एक लाख रुपये वसूलकर नौकरी पर रखा गया था।
सफाईकर्मियों का दबाव बढ़ने पर सुपरवाइजर भाग गया था।नगर आयुक्त के निर्देश पर सुपरवाइजर पर मुकदमा तो दर्ज करवा दिया गया लेकिन उसे बचाने का पूरा प्रयास किया गया। मुकदमा भी सामान्य तरीके से दर्ज कराया गया था। जिस पर नगर आयुक्त ने संस्था के अधिकारियों से नाराजगी भी जताई थी।
जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई हो इसका विरोध नहीं किया जाएगा, लेकिन जो काम कर रहे हैं और अनावश्यक रूप से परेशान किया जाएगा तो संगठन ऐसे कर्मचारियों के साथ खड़ा है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। नगर आयुक्त से इस संबंध में वार्ता भी की गई है।
प्रदीप कुमार वाल्मीकि, प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ
145 कर्मचारी जांच की प्रक्रिया में शामिल है। 22 का वेतन रोक दिया गया है, जो नगर निगम में तैनात कर्मचारियों के ही परिवार के सदस्य है। विधिक राय ली जा रही है। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार ही कार्य कराया जाएगा, इसमे मनमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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