शाहजहांपुर पौधारोपण का सच: कहीं बकरियां चट कर गईं पौधे तो कहीं बरामदे में ही धूल खा रहे, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
शाहजहांपुर में वृहद पौधारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों की सुरक्षा में भारी लापरवाही सामने आई है, जहां कई पौधे बकरियां चट कर गईं तो कुछ बरामदे में ही ...और पढ़ें

शाहजहांपुर के गोविंदगंज उपकेंद्र पर बरामदे में रखे पौधे। जागरण
HighLights
12 हजार 200 पौधे लगाने का लक्ष्य, अवकाश से पहले कई स्थानों पर औपचारिकता निभाने तक सीमित रहा अभियान
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। वृहद पौधारोपण अभियान के तहत बिजली विभाग को जिले में 12 हजार 200 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है, लेकिन कई बिजली उपकेंद्रों पर इसकी हकीकत अलग ही नजर आई। रविवार को अवकाश होने के कारण अधिकांश स्थानों पर शनिवार को ही जल्दबाजी में पौधारोपण कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। पौधों की सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं किए गए।
दैनिक जागरण की पड़ताल में रविवार को दोपहर करीब एक बजे बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र पहुंचने पर परिसर में सन्नाटा पसरा मिला। उपकेंद्र कक्ष में मौजूद कर्मचारी ने पौधारोपण होने की बात कही, लेकिन यह नहीं बता सका कि पौधे कहां लगाए गए हैं। परिसर का निरीक्षण करने पर मुख्य गेट के पास तीन गड्ढे मिले।
इनमें दो गड्ढों में पौधे लगे थे, जिनकी पत्तियां बकरियां खा चुकी थीं, जबकि तीसरा गड्ढा खाली मिला। इसके बाद गोविंदगंज बिजली उपकेंद्र पर भी केवल एक कर्मचारी मौजूद मिला। उसने बताया कि शनिवार को ट्रांसमिशन परिसर में पौधारोपण किया गया था। वहीं कार्यालय के बरामदे में कई पौधे रखे मिले, जिन्हें अभी तक लगाया ही नहीं गया था।
बिजली विभाग ने 12 हजार 200 पौधे लगाने के लक्ष्य को पांच डिवीजनों में बांटा है। अधीक्षण अभियंता अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि अवकाश के कारण सभी स्थानों पर पौधारोपण पूरा नहीं हो सका। जल्द ही शेष पौधे लगाकर लक्ष्य पूरा कराया जाएगा। साथ ही लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
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ऐसे तो पशु चर जाएंगे पौधे
वृहद पौधारोपण अभियान के तहत नगर निगम ने इस बार ककरा-काकड़ कुंड के निकट पलिया हाईवे सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कराया। पिछले वर्ष बाढ़ से पौधों के नुकसान को देखते हुए इस बार अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों का चयन किया गया, लेकिन पड़ताल में अधिकांश पौधे बिना ट्री गार्ड के लगे मिले। ऐसे में पशुओं व अन्य कारणों से इनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।
निगम को इस वर्ष 17 हजार 991 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। अधिकारियों का दावा है कि इसके सापेक्ष 19 हजार 60 पौधे लगाकर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल कर ली गई है। हालांकि मौके पर पौधों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। पिछले वर्ष 22,401 पौधे लगाने के लक्ष्य के मुकाबले विभागीय आंकड़ों के अनुसार केवल 54 प्रतिशत पौधे ही जीवित रह सके थे।
पौधों की सुरक्षा पर नहीं ध्यान
शाहजहांपुर-हरदोई राजमार्ग पर लालबाग चौराहे के आगे सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों की कटाई के बाद पौधारोपण कराया गया था। पड़ताल करने पर सामने आया कि पौधों की सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था नहीं होने से उनका अपेक्षित विकास नहीं हो रहा है।
जलालाबाद में कटे पेड़ों की नहीं हुई भरपाई
कटरा तक फोरलेन निर्माण के दौरान सड़क किनारे लगे आम और शीशम समेत बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे। यहां सड़क निर्माण पूरा होने के बाद भी हाईवे किनारे दोबारा पौधारोपण नहीं कराया गया, जिससे हरित पट्टी अब तक विकसित नहीं हो सकी।