‘अम्मा पीछे हट जाओ...’ रसोइया को बचाकर खुद अंदर गए शिक्षामित्र, शाहजहांपुर में स्कूल का बीम गिरने से दर्दनाक मौत
शाहजहांपुर के कुबरे गौटिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में जर्जर इमारत तोड़ते समय बीम गिरने से शिक्षामित्र सुखपाल की मृत्यु हो ...और पढ़ें

शिक्षामित्र सुखपाल का फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। अम्मा पीछे हट जाओ, मलबा गिरा तो चोट लग जाएगी... कहकर रसोइया को सतर्क करने वाले शिक्षामित्र सुखपाल खुद हादसे का शिकार हो गए। मंगलवार को जर्जर स्कूल ध्वस्तीकरण देखने के लिए वह जैसे ही आगे बढ़े, एक बीम उनके ऊपर आ गिरा।
सीने, सिर व पेट में गहरी चोट लगने से उनकी मौत हो गई। ध्वस्तीकरण का ठेका सुखपाल ने ही लिया था। वहां सुरक्षात्मक इंतजाम नहीं थे। मजदूर हेलमेट नहीं लगाए थे, लोगों की आवाजाही भी प्रतिबंधित नहीं की गई थी।
करीमनगर गांव में रहने वाले सुखपाल कश्यप कुबेर गौटिया स्थित प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र थे। पिछले वर्ष स्कूल का भवन जर्जर घोषित कर दिया गया था। उसके बाद विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण की नीलामी हुई।
इसका ठेका सुखपाल ने लेकर मजदूरों को लगा दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार को मध्यावकाश के दौरान सुखपाल जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण देखने पहुंचे। उन्होंने गेट पर बैठी रसोइया से हटने को कहा। इसके बाद खुद अंदर पहुंचे।
वह नीचे खड़े होकर लिंटर का हिस्सा गिरा रहे मजदूरों से बात कर रहे थे। उसी दौरान लोहे व सीमेंट से निर्मित बीम उन पर गिर गया। मजदूरों से तुरंत उन्हें मलबा से बाहर निकाला, चारपाई पर लिटाकर 200 मीटर दूर ग्रामीण की कार तक लेकर पहुंचे।
उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, मगर हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। बरेली में उपचार के दौरान को उनकी मौत हो गई।
भाई सत्यवीर ने बताया कि सुखपाल पांच वर्ष पहले शिक्षामित्र पद पर नियुक्त हुए थे। बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि ध्वस्तीकरण ठेका किसके पास था, हादसे का कारण क्या था, ऐसे कई बिंदुओं पर जांच कराई जा रही।
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