दिल दहला देने वाली घटना: खेत में घुसे सांड़ ने किसान को 400 मीटर दौड़ाकर पटका, कीचड़ में दम घुटने से मौत
शाहजहांपुर के जरियनपुर में खेत में घुसे सांड़ ने किसान विपिन कुमार को 400 मीटर दौड़ाकर पटक दिया, जिससे कीचड़ में दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पांच दिन ...और पढ़ें

सांड हमले का शिकार हुए विपिन कुमार का फाइल फोटो
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जरियनपुर में गुरुवार रात हुई घटना, पांच दिन पहले हुआ था बेटी का जन्म
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। खेत में घुसे सांड़ को भगाने पहुंचे विपिन कुमार पर भारी पड़ा। करीब 400 मीटर तक दौड़ाने के बाद सांड़ ने उन्हें पटक दिया, जिससे वह पानी भरे खेत में जा गिरे। जब तक स्वजन ने उन्हें खेत से बाहर निकाला तब तक उनकी सांसें थम चुकीं थी। उनकी पत्नी ने पांच दिन पहले ही बेटी को जन्म दिया।
मिर्जापुर के जरियनपुर गांव निवासी विपिन ने खेत में धान की रोपाई कराई थी। गुरुवार रात उनके खेत में सांड़ घुस गया। वहां से निकल रहे ग्रामीण ने विपिन को इसके बारे में बताया तो वह डंडा लेकर घर से करीब 500 मीटर दूर खेत पर भागते हुए पहुंचे ताकि लगाई गई पौध को बर्बाद होने से बचा सकें।
विपिन ने जैसे ही खेत से सांड़ को बाहर निकालने के लिए डंडा मारा तो वह उन पर हमलावर हो गया। जान बचाने के लिए वह करीब 400 मीटर तक भागे लेकिन मौत से हार गए। सांड़ ने पीछे से टक्कर मारी तो धान की पौध लगाने के लिए पानी भरे खेत में जा गिरे। कीचड़ में मुंह दब जाने से उनकी मृत्यु हो गई।
पीछे से उनके भाई नितिन और भतीजा शिवकुमार भी डंडा लेकर पहुंच गया तो सांड़ भाग गया। विपिन को खेत से बाहर निकालकर एंबुलेंस मंगवाई लेकिन सांसें थम जाने की वजह से एंबुलेंस चालक ने ले जाने से इन्कार कर दिया। स्वजन को भी पूरी तरह से भरोसा हो चुका था कि अब अस्पताल ले जाना बेकार है।
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पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि बेसहारा पशुओं की वजह से फसल बचाना तक मुश्किल हो रहा है लेकिन प्रशासन इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहा है। विपिन खेती करते थे। उनके चार बच्चे हैं, जिसमे पांच दिन पहले ही पत्नी शिवानी ने बेटी को जन्म दिया था। जिसका अभी नामकरण तक नहीं हो पाया था।
चार बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। इन बच्चों की अब पूरी जिम्मेदारी शिवानी पर आ गई है। एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि बेसहारा पशुओं को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वह पशुओं को न छोड़ें।