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10 दिनों में कैराना के तीन बड़े व्यापारियों की हत्या का आरोपित एक लाख का इनामी बदमाश फुरकान एनकाउंटर में ढेर

By Akash Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 05 Aug 2026 05:36 PM (IST)

Shamli News: झिंझाना पुलिस और एसओजी ने एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान उर्फ फैमू को मुठभेड़ में मार गिराया। ...और पढ़ें

बदमाश फुरकान का फाइल फोटो, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी।

बदमाश फुरकान का फाइल फोटो, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी।

HighLights

  1. शामली के झिंझाना के खानपुर कलां-रंगाना मार्ग पर हुई मुठभेड़।

  2. दो थानेदार और एसओजी प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी गोली

जागरण संवाददाता, शामली। जिले की झिंझाना थाना पुलिस, एसओजी और बाबरी पुलिस की संयुक्त टीम ने कैराना पलायन कांड के मुख्य आरोपित और कुख्यात मुकीम काला गैंग के सक्रिय सदस्य एक लाख रुपये के इनामी बदमाश फुरकान उर्फ फैमू को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसका साथी मौके से फरार हो गया।

बदमाश के कब्जे से पुलिस ने देशी कारबाइन, पिस्टल बरामद की। फरार हुए उसके साथी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पेट में गोली लगने से एक सिपाही भी घायल हुआ है। जबकि दो थानेदार और एसओजी प्रभारी पेट में गोली लगने से बाल-बाल बच गए।

बुधवार को झिंझाना थाना क्षेत्र में खानपुर कलां-रंगाना मार्ग पुलिस ने सूचना मिलने के बाद कुख्यात फुरकान और उसके साथी की घेराबंदी की थी। जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में फुरकान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली से हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह पेट में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं एसओजी प्रभारी, थानाध्यक्ष बाबरी और थाना प्रभारी झिंझाना की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने से वे बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ और फारेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने मौके से एक देशी कार्बाइन, पिटल और कारतूस और अन्य सामान बरामद किया है। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि कुख्यात फुरकान वही बदमाश था जिसने कैराना में रंगदारी न देने पर महज 10 दिनों के भीतर तीन बड़े व्यापारियों की हत्या कर दी थी, जिसके कारण व्यापारी वर्ग में इतना खौफ था कि फुरकान उनके सपनों में आने लगा था। कैराना पलायन प्रकरण की यह मुख्य वजह बनी थी और सत्ता परिवर्तन के बाद खुद मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी।

फुरकान कैराना के चर्चित दोहरे हत्याकांड में भी शामिल था, उसे अदालत से एनडीपीएस एक्ट में 10 साल की सजा भी हो चुकी थी और वह हाल में मुठभेड़ व लूट की घटनाओं में वांछित चल रहा था। आशंका है कि वह क्षेत्र में किसी बड़ी घटना या प्लानिंग को अंजाम देने आया था। एनकाउंटर के दौरान उसका एक साथी गन्ने के खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमों को लगाया गया।