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'अब्दुल कब तक दरी बिछाता रहेगा, सपा ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा'; शामली में बोले असदुद्दीन ओवैसी

Published: Mon, 26 Oct 2026 11:21 AM (IST)

कैराना में असदुद्दीन ओवैसी ने सपा पर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने और दंगा पीड़ितों की मदद न करने का आरोप लगाया।

कैराना में जनसभा को संबोधित करते सांसद असदुद्दीन ओवैसी

कैराना में जनसभा को संबोधित करते सांसद असदुद्दीन ओवैसी

HighLights

  1. सपा पर मुसलमानों को वोट बैंक समझने का आरोप लगाया।

  2. अखिलेश यादव को दंगा पीड़ितों की अनदेखी पर घेरा।

  3. मोदी-योगी नीतियों पर सवाल, मुस्लिम नेतृत्व की वकालत की।

संवाद सूत्र, शामली। कैराना में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।

उन्होंने मुजफ्फरनगर और कैराना दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए थे। ओवैसी का आरोप था कि दंगा पीड़ितों की मदद के लिए सपा नेताओं ने अपेक्षित पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि रामपुर में आवाज उठाने के बाद अखिलेश यादव आजम खान से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जब तक अब्दुल नेता नहीं बनेगा, तब तक मसला हल नहीं होगा। कैराना और मुजफ्फरनगर के लोग और हम सब आजम हैं।

कैराना के बुच्चाखेड़ी रोड पर आयोजित एआईएमआईएम के कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को ओवैसी रावण नजर आते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह चाहते थे कि अखिलेश उनके खिलाफ खुलकर बोलें।

युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे: ओवैसी

ओवैसी ने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि अखिलेश के मन में दाढ़ी-टोपी वालों के लिए कितनी नफरत है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम समाज से समर्थन तो चाहते हैं, लेकिन उसके मुद्दों और नेतृत्व को पर्याप्त महत्व नहीं देते। उन्होंने कहा कि जब तक अब्दुल यानी मुस्लिम समाज का अपना नेतृत्व आगे नहीं आएगा, तब तक शिक्षा, स्वास्थ्य, जमीन और धार्मिक स्थलों से जुड़े मसलों का समाधान मुश्किल रहेगा।

उन्होंने कहा कि वह केवल नेता बनने नहीं, बल्कि नए नेताओं को आगे लाने आए हैं। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई और हाफ एनकाउंटर से बेरोजगारी दूर नहीं होगी। युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

उन्होंने चीन सीमा पर हालात का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की। अंतरराष्ट्रीय हालात पर बोलते हुए उन्होंने मक्का और रियाद में फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था करने तथा मोदी से अपील की है कि ट्रंप से अपील करें कि युद्ध के बजाय शांति का पक्ष लेने की बात हो।

उन्होंने पेट्रोल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई। ओवैसी ने शिया-सुन्नी विवाद के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समुदाय में टकराव की बात करने के बजाय बाबा को बताना चाहिए कि उनके संजीव बालियान, बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य से कैसे संबंध हैं। दिल्ली की बात तो छोड़ ही दीजिए।

उन्होंने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने तथा दरगाह और कब्रिस्तान से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि वह सड़क के बजाय वोट के माध्यम से सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। जनसभा में उन्होंने थानाभवन के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।

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