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शामली के 59 हजार परिवारों को 940 वाले LPG सिलि‍ंडर के देने पड़ सकते हैं 2000 रुपये, इससे बचने को करें यह काम

By Anuj Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 13 Aug 2026 06:30 AM (IST)

शामली में 59 हजार से अधिक परिवारों को 15 अगस्त के बाद रसोई गैस सिलेंडर व्यावसायिक दरों पर खरीदना पड़ सकता है, क्योंकि उन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराई है।

प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रतीकात्‍मक फोटो

HighLights

  1. सरकार और तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी कराना कि‍या अनिवार्य।

  2. उपभोक्ताओं से तत्काल सत्यापन कराने की अपील की गई।

जागरण संवाददाता, शामली। जिले के 59 हजार से अधिक परिवारों के रसोई के बजट पर संकट मंडरा रहा है। ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को आगामी 15 अगस्त के बाद सामान्य सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलिंडर के बजाय कमर्शियल दरों पर सिलिंडर खरीदना पड़ सकता है। ऐसे में एक हजार से कम का मिल रहा यह सिलिंडर दो हजार रुपये से अधिक में खरीदना पड़ सकता है।

जिले में कुल तीन लाख 95 हजार 495 सामान्य घरेलू व उज्जवला योजना के एलपीजी कनेक्शन हैं। इनमें से 85 प्रतिशत यानी तीन लाख 36 हजार 117 उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 15 प्रतिशत यानी 59 हजार 324 उपभोक्ताओं का सत्यापन होना बाकी है।

दरअसल, रसोई गैस के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी अनिवार्य की है। साल 2025 से यह प्रक्रिया चल रही है। बावजूद इसके काफी संख्या में उपभोक्ताओं ने ई-केवाइसी नहीं कराई है। यदि तय समय सीमा तक बायोमैट्रिक सत्यापन पूरा नहीं होता है, तो उपभोक्ताओं को सब्सिडी युक्त सिलिंडर की सुविधा से वंचित होना पड़ेगा।

गौरतलब है कि वर्तमान में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलिंडर 940 रुपये में मिल रहा है, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत दो हजार 720 रुपये है। सत्यापन न होने की स्थिति में कमर्शियल दरें लागू होने से हर महीने रसोई का बजट एक हजार से अधिक तक बढ़ जाएगा। इसके अलावा गैस सिलिंडर की नियमित आपूर्ति भी ठप हो सकती है।

आखिरी तिथि का न करें इंतजार, आज ही कराएं सत्यापन

जिले की सभी 25 गैस एजेंसियां सत्यापन कर रही हैं। रोजगार, मजदूरी या अन्य कार्यों से दिनभर बाहर रहने वाले लोगों को घर पर न मिलने से दिक्कत आ रही है।

अफसरों ने अपील की कि 15 अगस्त की अंतिम तिथि का इंतजार न करें। उपभोक्ता स्वयं अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर अथवा घर आने वाले वितरक कर्मचारी के माध्यम से तुरंत ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आर्थिक नुकसान या आपूर्ति संकट से बचा जा सके।

जिले में गैस कंपनीवार एलपीजी कनेक्शनों की स्थिति

जिले में कुल तीन लाख 95 हजार 495 एलपीजी कनेक्शन पंजीकृत हैं। इनमें दो लाख 81 हजार 119 सामान्य घरेलू तथा एक लाख 14 हजार 376 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शन शामिल हैं। कंपनीवार आंकड़ों में इंडियन आयल के कुल दो लाख 41 हजार 845 कनेक्शन हैं, जिनमें सामान्य घरेलू एक लाख 70 हजार 433 और उज्ज्वला के 71 हजार 412 कनेक्शन शामिल हैं।

भारत पेट्रोलियम के कुल 73 हजार 759 कनेक्शन हैं, जिनमें सामान्य घरेलू 50 हजार 365 और उज्ज्वला के 23 हजार 394 कनेक्शन हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल 79 हजार 891 कनेक्शन हैं, जिनमें सामान्य घरेलू 60 हजार 321 और उज्ज्वला के 19 हजार 570 कनेक्शन हैं।

इन्होंने कहा...

जिले में एलपीजी कनेक्शनों की पारदर्शिता के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। 15 अगस्त की अंतिम तिथि तक सत्यापन न कराने पर सब्सिडी रुक सकती है। उपभोक्ताओं से अपील है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी गैस एजेंसी से तुरंत ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करा लें।
-अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी

जिले की गैस एजेंसियों के कर्मचारी सत्यापन कर रहे हैं। हालांकि, लोगों के काम-धंधे के सिलसिले में घर से बाहर रहने के कारण दिक्कतें आ रही है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे समय निकालकर वितरण कर्मचारी या नजदीकी एजेंसी पर पहुंचकर 15 अगस्त से पहले ई-केवाईसी जरूर करा लें।
-रतन सिंह, अध्यक्ष गैस वितरक संघ