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    प्रदूषण नियंत्रण के लिए पेट्रोल पंपों पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 07:30 PM (IST)

    शामली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. शामली में पेट्रोल पंपों पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे।

    2. कैमरे वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांचेंगे।

    3. बिना वैध पीयूसी वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, शामली। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अब पेट्रोल पंपों पर आटो मेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाने की तैयारी की जा रही है।

    इस व्यवस्था के लागू होने के बाद ऐसे वाहन चालकों की पहचान आसानी से हो सकेगी, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) नहीं है। आपूर्ति विभाग और एआरटीओ विभाग के संयुक्त समन्वय से इस योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    नई व्यवस्था के तहत जिले के प्रमुख पेट्रोल पंप पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पेट्रोल भरवाने आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। इसके बाद वाहन नंबर के आधार पर यह जांच की जाएगी कि संबंधित वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वैध है, या नहीं।

    यदि किसी वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र समाप्त पाया जाता है तो परिवहन विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। परिवहन विभाग के अनुसार वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। खासकर पुराने और बिना जांच के चल रहे वाहन वातावरण में हानिकारक गैसों का उत्सर्जन करते हैं।

    ऐसे वाहनों पर नियंत्रण के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन अब तकनीक के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। जिला आपूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था में आपूर्ति विभाग की भूमिका पेट्रोल पंपों के संचालन और नियमों के अनुपालन की निगरानी से जुड़ी होगी।

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    विभाग पेट्रोल पंप संचालकों के साथ समन्वय स्थापित करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कैमरा लगाने तथा तकनीकी व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।

    साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि पेट्रोल पंपों पर निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। सभी पंपों पर सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से एएनपीआर कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

    एआरटीओ प्रवेश कुमार ने बताया कि परिवहन विभाग वाहन पंजीकरण संबंधी जानकारी के आधार पर बिना पीयूसी वाले वाहनों की पहचान करेगा। ऐसे वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करने या मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

    परिवहन विभाग समय-समय पर वाहन जांच अभियान भी चलाएगा और लोगों को वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रेरित करेगा। हालांकि, व्यवस्था को सफल बनाने के लिए कैमरों की सही कार्यप्रणाली, डाटा सुरक्षा और विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा।