शामली में पुलिसकर्मी के बेटे पर खाकी का रौब दिखा पांच लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, लोगों ने पीटा
हरियाणा पुलिसकर्मी के बेटे ने फर्जी सीआईए अधिकारी बनकर एक मेडिकल स्टोर संचालक से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रुपये लेने पहुंचे आरोपी को लोगों ने ...और पढ़ें

पुलिसकर्मी के बेटे पर खाकी का रौब दिखा पांच लाख की रंगदारी मांगने का आरोप।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, चौसाना। हरियाणा पुलिस में तैनात पुलिसकर्मी के बेटे ने खाकी का रौब दिखाकर और फर्जी सीआईए टीम का अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालक से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रुपये लेने पहुंचे युवक को लोगों ने दबोच लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा नहीं लिखा।
दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद एएसपी ने बताया कि इस प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद यदि रंगदारी के साक्ष्य मिले तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। चूंकि मारपीट हुई थी, इसलिए दोनों पक्षों का तुरंत शांतिभंग में चालान किया गया है।
झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव बिड़ौली निवासी मेडिकल संचालक मो. रफी के पास कुछ दिन पहले एक धमकी भरा फोन आया था, जिसमें फोन करने वाले युवक ने खुद को हरियाणा सीआईए का दबंग इंस्पेक्टर बताते हुए उस पर हरियाणा में नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई करने का आरोप लगाया था।
शातिर ने झूठे केस को रफा-दफा करने और पुलिसिया कार्रवाई से बचाने के एवज में पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रकम न देने पर उसे सीधे उठवा लेने की धमकी दी। पीड़ित ने 25 मई को बिड़ौली चौकी में तहरीर दी थी। हालांकि दोनों पक्षों में बातचीत भी चल रही थी, और डील 50 हजार रुपये में तय हुई।
खबरें और भी
फर्जी इंस्पेक्टर अपनी बिना नंबर की बाइक पर एक साथी को लेकर बिड़ौली पहुंचा, लेकिन वहां भीड़ देखकर उसने मेडिकल संचालक को चौसाना क्षेत्र के सुंदरनगर मोड़ पर बुला लिया। मेडिकल संचालक अपने साथियों को कार में लेकर पहुंच गया।
सुंदरनगर मोड़ के पास मेडिकल स्टोर संचालक ने साथियों के साथ मिलकर फर्जी इंस्पेक्टर और उसके साथी को दबोच लिया। वहां मौजूद लोगों ने दोनों आरोपितों की पिटाई करते हुए पुलिस को सौंप दिया। चौकी लाने के बाद भी पुलिस के सामने दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई।
मुख्य आरोपित की पहचान विकास निवासी करनाल (हरियाणा) के रूप में हुई। चर्चा है कि आरोपित के पिता हरियाणा पुलिस में थे, जिनकी मौत हो चुकी है। पिता की खाकी का फायदा उठाकर ही वह लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में लोगों पर रौब जमाकर अवैध वसूली कर रहा था।
मौके पर मारपीट हुई थी, इसलिए पुलिस ने आरोपित विकास, उसके साथी आवेश पुत्र इस्लाम निवासी दौलतपुर गंगोह (सहारनपुर) और मेडिकल स्टोर संचालक के साथी बाबर पुत्र तकी निवासी बिड़ौली का शांतिभंग में चालान कर दिया। आरोप है कि पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई रंगदारी की तहरीर पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
प्रकरण संज्ञान में आया है। रंगदारी के आरोप और उसके सबूत की जांच की जाएगी। यदि दोषी मिला तो उनके खिलाफ रंगदारी में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा। चूंकि मौके पर मारपीट हुई थी, इसलिए तत्काल उनका शांतिभंग में चालान किया गया। -सुमित शुक्ला, एएसपी।