गाड़ी तेज चलाई तो परिवार के पास जाएगा मैसेज, शामली के 10वीं के छात्र आसिम ने बनाया कमाल का App
शामली के कक्षा 10 के छात्र आसिम ने सड़क हादसों को रोकने के लिए 'गति रक्षक' ऐप बनाया है। यह ...और पढ़ें

ऐप का फोटो और छात्र आसिम
HighLights
कक्षा 10 के छात्र आसिम ने 'गति रक्षक' ऐप विकसित किया।
ऐप ओवरस्पीडिंग पर चालक को अलार्म और अभिभावकों को अलर्ट भेजता है।
यह ऐप नीति आयोग में चयन के लिए भेजा गया है।
आकाश शर्मा, शामली। बढ़ते सड़क हादसों और उनमें रोजाना गंवाई जा रही जानों के बीच 10वीं के छात्र ने नवाचार का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उसने ‘गति रक्षक’ एप तैयार किया है। अटल टिंकरिंग लैब में विकसित यह एप वाहन की गति निर्धारित सीमा से अधिक होने पर पहले चालक के मोबाइल पर अलार्म बजाएगा और गति नियंत्रित न होने तक अलार्म बजता रहेगा।
इसके अलावा अभिभावक भी अपने बच्चों को वाहन देते समय उनके वाहन की स्पीड की निगरानी रख सकेंगे। यदि बच्चे ने तेज स्पीड के साथ वाहन चलाया तो अभिभावक के पास संदेश पहुंच जाएगा। इस एप्लीकेशन को नीति आयोग में चयन के लिए भेज दिया गया। एनएचएआई के सभी राजमार्ग पर एप्लीकेशन खुद ही लोकेशन ट्रैक कर स्पीड निर्धारित करेगी।
कैराना निवासी उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद शहजाद के पुत्र आसिम शहर के स्काटिश इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 10वीं के छात्र है और पिछले एक साल से स्कूल में नीति आयोग की ओर से स्थापित अटल टिंकरिंग लैब में अभ्यास करते हैं। उन्होंने देश में ओवरस्पीड के चलते सड़क हादसों में लोगों की मौत की बढ़ती घटना पर चिंता जताते हुए तीन महीने पहले एक एप (एप्लीकेशन) पर कार्य शुरू किया था।
दिल्ली-देहरादून इकानोमिक कॉरिडोर पर हुआ टेस्ट
एप अब बन चुका है। इस एप को गति रक्षक नाम दिया गया। एप पूरी तरह से इंटरनेट और जीपीएस के माध्यम से काम करता है। सफर शुरू करने से पहले राजमार्ग पहुंचते ही चालक को जिस भी मार्ग पर जाना होता है, यह उसकी स्थिति और वहां लागू आधिकारिक गति सीमा की जानकारी खुद ही मानचित्र से जुटा लेता है। इसके बाद उस विशेष मार्ग की तय गति सीमा खुद ही निर्धारित कर देता है।
लैब प्रभारी आयुष वर्मा ने दिल्ली-देहरादून इकानोमिक कॉरिडोर पर इसका परीक्षण किया। उसमें पाया गया कि यदि वाहन चालक तय सीमा से अधिक तेज गाड़ी चलाता है, तो मोबाइल फोन में एक अलार्म बजने लगता है। यह अलार्म तब तक लगातार बजता रहता है जब तक गाड़ी की रफ्तार नियंत्रित होकर तय सीमा के भीतर न आ जाए।
यह तकनीक उन अभिभावकों के लिए भी बेहद कारगर साबित होगी जो अपने बच्चों को अकेले वाहन देकर भेजते हैं। यदि बच्चा वाहन की निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करता है, तो गति रक्षक तुरंत अभिभावक के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेज देगा। लैब प्रभारी आयुष वर्मा ने बताया कि एप्लीकेशन को नीति आयोग और इंस्पायर अवार्ड में चयन के लिए भिजवा दिया गया है।
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