UP रोडवेज की बसों में अब आधे टिकट पर बच्चों को मिलेगी पूरी सीट, गोद में बैठाने को नहीं कर सकेंगे विवश
उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में अब आधे टिकट पर यात्रा करने वाले बच्चों को पूरी सीट मिलेगी। इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
परिवहन निगम ने किया स्पष्ट, गोद में बैठाने का दबाव नहीं बनाएंगे परिचालक।
एआरएम शामली ने भी जारी किए निर्देश, मनमानी करने पर होगी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, शामली। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में अब आधे टिकट पर सफर करने वाले बच्चों को भी पूरी सीट मिलेगी। उप्र परिवहन निगम मुख्यालय के जारी आदेशों का पूरी तरह से पालन कराने के लिए शामली डिपो ने निर्देश जारी किए हैं। इसके चलते अब परिचालक बच्चों को सीट से उठने या अभिभावकों की गोद में बैठने के लिए विवश नहीं कर सकेंगे।
उप्र परिवहन निगम अपनी बसों में सफर को अधिक सुगम और आरामदायक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। अब शामली डिपो ने रोडवेज बसों में अब हाफ टिकट वाले बच्चों के लिए सीट अनिवार्य कर दी है। अक्सर देखा जाता था कि आधा किराया देने के बावजूद बस में भीड़ होने पर परिचालक बच्चों को सीट से उठाकर अभिभावकों की गोद में बैठाने का दबाव बनाते थे, जिससे यात्रियों को असुविधा होती थी।
इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश जारी किए थे। अभी तक परिचालक यात्रियों को सीटों की उपलब्धता और इस नियम की सही जानकारी नहीं देते हैं, जिससे यात्रियों को अपने अधिकारों का पता नहीं चल पाता। इस पर संज्ञान लेते हुए शामली डिपो के एआरएम प्रशांत गुप्ता ने अब सख्ती से आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि बस रवाना होने से पहले ही परिचालक यात्रियों को उपलब्ध सीटों की सटीक स्थिति से अवगत कराएं। वहीं नियमों के तहत रोडवेज बसों में यात्रियों को निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाएगा। यदि बस के अंदर किसी भी बच्चे का हाफ टिकट काटा जाता है, तो उसे पूरी सीट उपलब्ध कराना परिचालक की जिम्मेदारी होगी।
विषम परिस्थितियों में केवल अनुरोध किया जा सकता है, दबाव नहीं। इस व्यवस्था से बच्चों और अभिभावकों को मानसिक व शारीरिक परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी।
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इन्होंने कहा...
आधे टिकट पर बच्चों को पूरी सीट देना अनिवार्य है। यदि कोई परिचालक बच्चे को सीट से उठाता है या यात्रियों को जागरूक नहीं करता तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों का सफर सुगम बनाना हमारी प्राथमिकता है।
-प्रशांत गुप्ता, एआरएम