कपिलवस्तु विधानसभा में विकास का जाल, अधूरे काम पर विधायक से सवाल, विधायी सक्रियता में कमी
कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में पिछले सवा चार वर्षों में सड़क, पुल और विद्युतीकरण में प्रगति हुई है, लेकिन कई परियोजनाएं अधूरी हैं और स्वास्थ्य, उद्योग ...और पढ़ें

HighLights
सड़क, पुल और विद्युतीकरण में प्रगति, पर कई परियोजनाएं अधूरी।
स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार जैसे क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।
विधायक श्यामधनी राही ने विधानसभा में कोई प्रश्न नहीं पूछा।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में पिछले सवा चार वर्षों के दौरान सड़क, पुल, विद्युतीकरण और धार्मिक स्थलों के विकास पर सबसे अधिक काम हुआ है। इसके बावजूद कई प्रमुख सड़कें अब भी अधूरी हैं। बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, उद्योग और स्थानीय रोजगार जैसे क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा है।
दूसरी बार विधायक बने 73 वर्षीय श्यामधनी राही 1988 से सक्रिय राजनीति में हैं। विधानसभा में उनकी उपस्थिति शत प्रतिशत रही, लेकिन कार्यकाल में उन्होंने कोई प्रश्न नहीं पूछा और न ही कोई निजी विधेयक प्रस्तुत किया।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास कार्य तेजी से होने के कारण प्रश्न उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालांकि विधायी सक्रियता के लिहाज से इसे उनका कमजोर पक्ष माना जा रहा है।
एक नजर में कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र
- कुल मतदाता : 3,94,963
- पुरुष : 2,16,779
- महिला : 1,78,156
क्षेत्र में 100 से अधिक सड़कों के निर्माण का दावा किया गया है। 18 किलोमीटर लंबे लोटन-सोहांस और पटनीजंगल-महदेवा मार्ग का चौड़ीकरण हुआ, जबकि उस्का-अजगरा मार्ग निर्माणाधीन है।
रीवानानकार-तालभिरौना, टड़िया-बांकी समेत करीब छह सड़कें अभी अधूरी हैं। टड़िया मार्ग पर गिट्टी बिछने के बाद भी डामरीकरण का इंतजार है। बर्डपुर नंबर चार में छह नई सड़कें बनी हैं और शिवपतिनगर में तीन सड़कों का निर्माण जारी है। नार्थ-साउथ कारिडोर के तहत बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग के चौड़ीकरण को भी मंजूरी मिली है।
पुल निर्माण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। बूढ़ी राप्ती, घोघी नदी और जमुआर नाले सहित कई स्थानों पर करोड़ों रुपये की लागत से पुल बनाए गए हैं।
लोटन-सोहांस मार्ग पर 4.48 करोड़ रुपये की लागत से एक पुल का निर्माण अभी जारी है। विधायक का दावा है कि क्षेत्र का कोई प्रमुख नाला अब पुल से वंचित नहीं है, हालांकि अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा कराना अभी चुनौती बना हुआ है।
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विधायक निधि से धौरीकुइयां, निश्चिंतपुर, चुनमुनवा, डफालीपुर और कपिलवस्तु सीमा क्षेत्र में विद्युतीकरण तथा बिजली के खंभे लगाए गए। कोरोना काल में आक्सीजन प्लांट के लिए भी निधि दी गई। बावजूद इसके बिजली आपूर्ति, गलत बिल, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, उद्योग और रोजगार के मोर्चे पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी।
धार्मिक और शैक्षिक संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया। 13 मंदिरों में धर्मशालाओं का निर्माण, संपर्क मार्गों का विकास तथा कई विद्यालयों में हाल, कक्ष और अन्य सुविधाओं के लिए विधायक निधि से धन उपलब्ध कराया गया।
विधायक की जुबानी
जनता ने जिस विश्वास के साथ मुझे दूसरी बार विधानसभा भेजा है, उस पर खरा उतरना मेरी प्राथमिकता है। मैंने चुनाव में कोई वादा नहीं किया था। क्षेत्र में जहां विकास की आवश्यकता दिखाई देती है, वहां प्रस्ताव तैयार कराकर कार्य कराने का प्रयास करता हूं। पांच वर्षों में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण कराया गया है। बूढ़ी राप्ती, घोघी और जमुआर सहित विभिन्न नदियों व नालों पर पुल बनवाए गए हैं। मेरा प्रयास रहा है कि आवागमन की बाधाएं दूर हों। विधायक निधि से मंदिरों, उनके संपर्क मार्गों, विद्यालयों, विद्युतीकरण और अन्य जनोपयोगी कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। कोरोना काल में आक्सीजन प्लांट के लिए भी धन दिया। विधानसभा में मेरी उपस्थिति शत प्रतिशत रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, इसलिए प्रश्न उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। जो सड़कें और परियोजनाएं अधूरी हैं, उन्हें भी शीघ्र पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा हूं।
-श्यामधनी राही, विधायक कपिलवस्तु
प्रतिद्वंद्वी बोले-
पिछले सवा चार वर्षों में कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ। नौगढ़-उस्का मार्ग पर लोग गड्ढों के चलते रोज धक्के खा रहे हैं, लेकिन विधायक ने प्रभावी पहल नहीं की। नौगढ़-पिठनी मार्ग पर बरसात के समय पुल निर्माण शुरू कराया गया, जिससे बाढ़ आने पर आवागमन ठप होने का खतरा है। विद्युत आपूर्ति बदहाल है और गलत बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं। भ्रष्टाचार बेलगाम है तथा राजस्व संबंधी कार्यों में बिना रुपये दिए काम कराना कठिन हो गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ। उद्योग व पर्यटन की संभावनाएं भी उपेक्षित रहीं। कुल मिलाकर यह कार्यकाल विकास और जनअपेक्षाओं की कसौटी पर निराशाजनक रहा।
-विजय पासवान, मुख्य प्रतिद्वंद्वी, 2022 विधानसभा चुनाव
जनता की राय
क्षेत्र में सड़कों और पुलों का निर्माण होने से आवागमन पहले की अपेक्षा सुगम हुआ है। गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की दिशा में काम दिखाई देता है। हालांकि कई ग्रामीण सड़कों की स्थिति अभी खराब है। सिंचाई और किसानों की समस्याओं पर विधायक को अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
-मूसे सिंह, किसान
कपिलवस्तु क्षेत्र में सड़क और पुल बनने से व्यापारिक गतिविधियों को लाभ मिला है। प्रमुख बाजारों तक पहुंच आसान हुई है। पर्यटन विकास की दिशा में प्रयास की आवश्यकता है। स्थानीय बाजारों में जलनिकासी, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। इन समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता से होना चाहिए।
-शुभम श्रीवास्तव, व्यापारी
विधायक निधि से विद्यालयों में कमरे, बड़े हाल और अन्य सुविधाओं के लिए धन दिया जाना सराहनीय है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा। फिर भी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है। शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के लिए संसाधन बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास होने चाहिए।
-सियाराम कसौधन, शिक्षक
क्षेत्र में सड़क, पुल और विद्युतीकरण के कई काम हुए हैं, जिनका लाभ आम लोगों को मिल रहा है। कुछ निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं, जिन्हें समय से पूरा कराया जाना चाहिए। युवाओं के लिए रोजगार, खेल मैदान और कौशल प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ें तो विकास का लाभ नई पीढ़ी तक बेहतर ढंग से पहुंचेगा।
-दुर्गा प्रसाद अग्रहरि, चेयर मैन एसआर इंटर नेशनल स्कूल