सिद्धार्थनगर: फिटनेस और दस्तावेजों के बिना दौड़ रहे 42 स्कूल वाहन, एआरटीओ ने जारी की चेतावनी
सिद्धार्थनगर में 42 स्कूली वाहन बिना वैध फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं। ...और पढ़ें

HighLights
42 स्कूली वाहन बिना वैध फिटनेस के चल रहे।
परिवहन विभाग ने स्कूलों को कड़ी चेतावनी दी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की तैयारी।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विशेष जांच अभियान के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि जिले के 42 विद्यालयों के वाहन बिना वैध फिटनेस अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं।
परिवहन विभाग ने ऐसे विद्यालयों की सूची जारी करते हुए प्रबंधन को तत्काल वाहनों की फिटनेस कराने की चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज दुरुस्त नहीं किए गए तो संबंधित वाहनों के खिलाफ चालान, सीजिंग और विद्यालय प्रबंधन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक जिले में स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया था। अभियान के तहत सभी विद्यालयों को अपने वाहनों का विवरण आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। परिवहन विभाग द्वारा पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और भौतिक सत्यापन के आधार पर वाहनों की जांच की गई।
जांच में सामने आया कि कई विद्यालयों के वाहन फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र अथवा परमिट संबंधी औपचारिकताओं को पूरा किए बिना सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जारी सूची में डुमरियागंज, बांसी, खेसरहा, नौगढ़, भनवापुर, मिठवल, इटवा, खुनियांव और बढ़नी ब्लॉकों के विद्यालय शामिल हैं।
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इनमें निजी और सहायता प्राप्त विद्यालय दोनों श्रेणी के संस्थान हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालय प्रबंधकों को कई बार सूचना देने के बावजूद कुछ संस्थानों ने वाहनों का फिटनेस परीक्षण नहीं कराया है।
फिटनेट पर देना होगा ध्यान
परिवहन विभाग के अनुसार फिटनेस प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि वाहन तकनीकी रूप से सुरक्षित है और उसके ब्रेक, टायर, लाइट, आपातकालीन निकास तथा अन्य सुरक्षा उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। बिना फिटनेस वाले वाहन दुर्घटना की स्थिति में बच्चों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसी कारण शासन स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है।
नियमित होनी चाहिए वाहनों की जांच
अभिभावकों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और स्कूल वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए। विभाग की इस कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधन पर दबाव बढ़ा है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में वाहनों के फिटनेस परीक्षण कराए जाने की संभावना है। परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को जिस वाहन से स्कूल भेजते हैं, उसकी वैधता और सुरक्षा मानकों के प्रति सजग रहें।
ब्लॉकवार पुनर्गणना
- खेसरहा – 8
- मिठवल – 8
- डोमरियागंज – 7
- बांसी – 6
- खुनियावं – 3
- भनवापुर – 2
- बिरपुर – 3
- नौगढ़ – 2
- इटवा – 2
- बढ़नी – 2
- जोगिया – 1
सूचीबद्ध विद्यालयों को अंतिम अवसर दिया जा रहा है। सभी विद्यालय प्रबंधन अपने वाहनों की फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेज तत्काल पूर्ण करा लें। यदि इसके बाद भी कोई वाहन नियमों के विपरीत संचालित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
संजय कुमार सिंह
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी