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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    फोन पर रिश्वत मांगकर बुरे फंस गए सीएमओ साहब; योगी सरकार ने कर दी यह बड़ी कार्रवाई

    By Jagran NewsEdited By: Mohammed Ammar
    Updated: Wed, 27 Sep 2023 08:02 PM (IST)

    UP Bribe News एक सितंबर को इंटरनेट मीडिया में आठ वीडियो क्लिप प्रसारित हुई थी। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो मे ...और पढ़ें

    लाइसेंस जारी करने के लिए फोन पर रिश्वत मांग रहे थे सीएमओ; योगी सरकार ने कर दी यह बड़ी कार्रवाई
    लाइसेंस जारी करने के लिए फोन पर रिश्वत मांग रहे थे सीएमओ; योगी सरकार ने कर दी यह बड़ी कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर : सीएमओ डा. विनोद कुमार अग्रवाल को शासन ने हटा दिया है। इन्हें संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय लखनऊ में संबंद्ध किया गया है। इनके स्थान पर वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय कानपुर देहात में तैनात डा. नरेंद्र कुमार बाजपेयी को सीएमओ बनाया गया है।

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    शासन ने यह कार्रवाई प्रसारित वीडियो प्रकरण में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद की है। मंगलवार को डीएम पवन कुमार ने सीडीओ की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। चिकित्सा अनुभाग-2 के विशेष सचिव शिव सहाय अवस्थी ने बुधवार को सूची जारी की है।

    लाइसेंस जारी करने के नाम पर मांगे थे रुपये 

    एक सितंबर को इंटरनेट मीडिया में आठ वीडियो क्लिप प्रसारित हुई थी। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में सीएमओ डा. विनोद कुमार अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डा. बीएन चतुर्वेदी व डा. एमएम त्रिपाठी दिखाई दे रहे हैं। इनके साथ निजी अस्पताल संचालक रंजीत चौधरी की आवाज सुनाई दे रही है।

    इन सभी लोगों के बीच निजी अस्पताल का लाइसेंस जारी करने के नाम पर लेनदेन की बात हो रही थी। इसके दूसरे दिन सीएमओ ने वीडियो प्रसारित होने के बाद सीएमओ ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक अग्रवाल को दोनों डिप्टी सीएमओ और निजी अस्पताल के संचालक के खिलाफ तहरीर दी।

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    पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच एएसपी सिद्धार्थ से कराई थी। पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों डिप्टी सीएमओ व अस्पताल संचालक के खिलाफ सदर थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं तत्कालीन डीएम संजीव रंजन के निर्देश पर सीडीओ दूसरी जांच कर रहे थे। जिसमें सीएमओ की संलिप्तता व भूमिका की जांच की गई थी।