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    सीतापुर में बनेंगी 15 स्वास्थ्य चौकियां, बाढ़ क्षेत्र में पहुंचाएंगी राहत; चपेट में आते हैं जिले के करीब 280 गांव

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 11:03 PM (IST)

    स्वास्थ्य विभाग ने सीतापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। जिले की लहरपुर, बिसवां और म ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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    HighLights

    1. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 15 अस्थायी स्वास्थ्य चौकियां बनेंगी।

    2. 250-280 गांवों को चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

    3. डायरिया, बुखार, सर्पदंश जैसी बीमारियों से बचाव होगा।

    संवाद सूत्र, सीतापुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले की लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसीलों के बाढ़ एवं कटान प्रभावित इलाकों में इस वर्ष 15 अस्थायी स्वास्थ्य चौकियां स्थापित की जाएंगी। इन चौकियों के माध्यम से बाढ़ के दौरान प्रभावित ग्रामीणों को उनके गांवों के नजदीक ही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    घाघरा (सरयू) और शारदा नदी के जलस्तर बढ़ने पर जिले के करीब 250 से 280 गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। जलभराव और दूषित पानी के कारण डायरिया, बुखार, त्वचा रोग, सर्पदंश तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही राहत एवं उपचार की रणनीति तैयार कर ली है।

    15 स्वास्थ्य चौकियां होंगी संचालित 

    योजना के तहत बाढ़ प्रभावित गांवों के समीप स्थित विद्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों में 15 स्वास्थ्य चौकियां संचालित की जाएंगी। प्रत्येक चौकी पर चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी। यहां आवश्यक दवाएं, ओआरएस, जीवन रक्षक इंजेक्शन, प्राथमिक उपचार सामग्री और आपातकालीन चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

    स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर मरीजों का उपचार करेंगी। साथ ही पेयजल की शुद्धता, स्वच्छता, क्लोरीन की गोलियों का वितरण और संक्रामक रोगों की निगरानी भी की जाएगी। गंभीर मरीजों को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था भी रहेगी।

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    अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ के दौरान किसी भी गांव में चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जा रही हैं। उद्देश्य है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर संक्रमण और महामारी की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।

    बाढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य चौकियों को स्कूलों, पंचायत भवनों, राहत केंद्रों में स्थापित किया जाएगा। ग्रामीणों को समय पर दवा आदि की उपलब्धता होगी। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीणों तक सूचना पहुंचाएंगी। -डॉ. दीपेंद्र वर्मा, जिला सर्विलांस अधिकारी