सीतापुर में 27 हजार पेड़ अवैध रूप से काटने के मामले में लेखपाल निलंबित, लापरवाही उजागर
सीतापुर के सरवा जलालपुर में 27 हजार पेड़ अवैध रूप से काटने के मामले में पट्टा आवंटन में रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
सरवा जलालपुर में 27 हजार पेड़ अवैध रूप से काटे गए।
मत्स्य पालन पट्टा आवंटन में लेखपाल निलंबित किया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच में लापरवाही सामने आई।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। सरवा जलालपुर में मत्स्य पालन के लिए अवैध तरीके से 27 हजार पेड़ काटने काट दिए गए थे। पट्टा आवंटन में रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।
इसके प्रकरण से संबंधित खबरें जागरण में प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने रिपोर्ट मांगी थी। इस पर पट्टा आवंटन में रिपोर्ट लगाने वाले कानूनगो व लेखपाल के बयान एडीएम कार्यालय में लिए गए थे। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, प्रशासन लेखपाल को अनुशासनहीनता में निलंबित किए जाने की बात कह रहा है।
वन विभाग ने तीन साल पहले सरवा जलालपुर में 23 हेक्टेयर (287 बीघा) तालाब की समतल जमीन पर अशोक, अर्जुन, महोगनी आदि प्रजातियों के 27 हजार पौधे रोपे थे। 18 दिसंबर 2025 को तालाब का पट्टा मत्स्य जीवी समिति दहावा को किया गया।
समिति ने क्षेत्रफल सही करने के नाम पर अवैध तरीके से सभी पेड़ काट डाले थे। पेड़ कटने पर वन विभाग ने दो के खिलाफ मार्च में विभागीय केस लिखकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया था। पेड़ कटान प्रकरण सुर्खियां बना तो जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। तब पता चला कि वन विभाग ने पौधे लगाने के लिए अनुमति नहीं ली थी।
यह भी पता चला, लेखपाल संतोष कुमार की रिपोर्ट आने के दस दिन पहले ही तालाब का पट्टा कर दिया गया था। इसमें राजस्व व वन कर्मियों की लापरवाही सामने आई थी।
बीते दिनों तहसीलदार मुकेश शर्मा के स्थानांतरण को इसी प्रकरण से जोड़कर देखा गया था। अब लेखपाल संतोष कुमार को निलंबित किया गया है। निलंबन का कारण अनुशासनहीनता दर्शाया गया है। नायब तहसीलदार मोहित कुमार को जांच सौंपी गई है।
