सीतापुर में आंधी-बारिश का कहर, दीवार ढहने और छप्पर गिरने से दो की मौत, चार घायल
सीतापुर में सोमवार रात आई धूल भरी आंधी और बारिश से भारी तबाही मची, जिसमें एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हुए। ...और पढ़ें

HighLights
पिसावां में दीवार ढहने से एक महिला की मौत।
महमूदाबाद में छप्पर गिरने से एक व्यक्ति की मौत।
आंधी-बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान।
जागरण टीम, सीतापुर। मौसम में सोमवार रात अचानक बदलाव आया। धूल भरी आंधी और विभिन्न स्थानों पर पेड़, दीवार और छप्पर गिरने के साथ टिनशेड क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें महिला समेत दो लोगों की मौत और एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोग जख्मी हो गए।
आंधी से आम की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। कच्चा आम टूटकर गिर गया। जिला आपदा राहत विशेषज्ञ हीरालाल ने बताया कि आगामी दिनों में गरज के साथ बारिश व ओले गिरने की आशंका है।
पिसावां के बराहमऊ खुर्द में निर्माणाधीन मकान की दीवार ढह गई। इसके मलबे में नासिर, उनकी पत्नी किस्मत जहां, आहद व अमन दब गए। इसमें किस्मत जहां की मौत हो गई। घायलों को सीएचसी पिसावां में भर्ती कराया गया है।
महमूदाबाद के सदरपुर के रंडा लच्छीपुर में 65 वर्षीय मूलचंद्र अपने घर में पक्की दीवार पर रखे छप्पर के नीचे सो रहे थे। उसी छप्पर के एक किनारे मूलचंद्र की बहू सुमन भी सो रही थी। छप्पर सहित पक्की दीवार गिर गई मूलचंद्र के दबने से मौत हो गई, जबकि उनको बचाने के प्रयास में सुमन घायल हो गईं।
सुमन का सीएचसी महमूदाबाद से उपचार के बाद घर भेज दिया गया। नायब तहसीलदार राकेश त्रिपाठी, थानाध्यक्ष सदरपुर मुकेश वर्मा ने मदद का आश्वासन दिया। महोली के देवकली में नीम के पेड़ के नीचे दबने से रमेश की भैंस मर गई।
खबरें और भी
मोबाइल पर आया अलर्ट संदेश
सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे मोबाइल पर अगले तीन घंटे में धूल भरी आंधी पानी आने का सतर्कता संदेश आया। उसके एक घंटे के बाद ही, साढ़े दस बजे ही धूलभरी आंधी व बारिश शुरू हो गई।

पीएचसी और विद्यालय की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त
आंधी-बारिश में दीवार व छप्पर ढहने से लोगों की जान ही नहीं गई बल्कि पेड़ गिरने से भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिसावां के गेट पर बरगद, महोली के प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर में पीपल का पेड़ गिरने से चहारीदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई।
कंपोजिट विद्यालय दौली की भी चहारदीवारी क्षतिगस्त हुई है। बीहट बीरम के मिर्जापुर-परसदा मार्ग पर पेड़ गिरने से काफी देर तक आवागमन बाधित रहा।
कच्चा आम गिरा
आंधी बारिश में सबसे ज्यादा आम की फसल प्रभावित हुई है। कच्चा आम टूटकर गिरने से उत्पादकों को काफी नुकसान बताया जा रहा है।
आम की फसल को कीट ने पहले ही बर्बाद कर दिया था, जिससे क्षेत्र में मात्र 20 से 30 प्रतिशत ही फसल बची थी। इसी तरह औरंगाबाद, परसपुर, तेलियानी, बीबीपुर, रहिमाबाद, मीरापुर, लधोरा, औरंगाबाद के बागवानों ने कच्चा आम उठवाया।