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सोनभद्र के अनपरा एनर्जी में एक दिन से भी कम का बचा कोयला,1200 मेगावाट उत्पादन पर संकट

Published: Thu, 08 Oct 2026 10:31 AM (IST)

सोनभद्र के अनपरा एनर्जी लिमिटेड में कोयले का गंभीर संकट है, जहां 1200 मेगावाट क्षमता वाले बिजलीघर में एक दिन से भी कम का कोयला बचा है।

अनपरा एनर्जी में एक दिन से भी कम का बचा कोयला।

अनपरा एनर्जी में एक दिन से भी कम का बचा कोयला।

HighLights

  1. अनपरा एनर्जी में एक दिन से भी कम का कोयला शेष।

  2. 1200 मेगावाट क्षमता वाले बिजलीघर में उत्पादन पर संकट गहराया।

  3. कम लोड पर संचालित कर बिजली उत्पादन व्यवस्था संभाली जा रही।

अशोक तिवारी, सोनभद्र। जिले के बिजलीघरों में कोयले की कमी अब उत्पादन व्यवस्था पर असर डालने लगी है। 1,200 मेगावाट क्षमता वाली मेघा इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआइएल) की अनपरा एनर्जी लिमिटेड में कोयले का संकट गंभीर बना हुआ है।

परियोजना लंबे समय से क्रिटिकल जोन में चल रही है और वर्तमान में यहां एक दिन से भी कम समय का कोयला बचा है। स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर विद्युत इकाइयों को कम लोड पर संचालित किया जा रहा है।

परियोजना के पास वर्तमान में करीब 14 हजार टन कोयले का स्टाक है, जबकि रोजाना करीब 14.4 हजार टन कोयले की खपत हो रही है। यानी मौजूदा भंडार लगभग एक दिन की जरूरत के बराबर भी नहीं है।

हालांकि एनसीएल से लगातार आपूर्ति होने के कारण फिलहाल उत्पादन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई है। एमईआइएल की 1,200 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना में निर्धारित मानक के अनुसार करीब 13 दिनों के लिए दो लाख टन कोयले का भंडारण होना चाहिए।

इसके विपरीत मौजूदा स्टाक करीब 14 हजार टन ही है। इस लिहाज से परियोजना में मानक के मुकाबले करीब 1.86 लाख टन कोयले की कमी बनी हुई है। लगातार कम भंडार के कारण परियोजना को क्रिटिकल जोन से बाहर आने का मौका नहीं मिल पा रहा है

खपत से अधिक आपूर्ति, फिर भी नहीं बढ़ रहा स्टॉक

परियोजना में प्रतिदिन करीब 14.4 हजार टन कोयले की खपत हो रही है, जबकि एनसीएल से रोजाना करीब 16 हजार टन कोयले की आपूर्ति मिल रही है। कागज पर आपूर्ति खपत से अधिक होने के बावजूद लंबे समय से बने कम स्टाक के कारण भंडारण अभी भी सुरक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका है। ऐसे में कोयले की आपूर्ति में मामूली व्यवधान भी उत्पादन पर सीधा असर डाल सकता है।

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कम लोड पर संचालन से संभाली जा रही स्थिति

कोयले की उपलब्धता को देखते हुए विद्युत इकाइयों का संचालन जरूरत के अनुसार कम लोड पर किया जा रहा है। फिलहाल लगातार मिल रही एनसीएल की आपूर्ति से व्यवस्था संभली हुई है, लेकिन परियोजना के पास बफर स्टाक नहीं होने से संकट बना हुआ है। बिजली की मांग बढ़ने या कोयला आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में उत्पादन क्षमता के अनुरूप संचालन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कोयले की कमी तापीय परियोजना में बनी हुई है। जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है। परियोजना में कोयले का भंडारण बढ़ाने की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- आनंद कुमार सिंह, स्टेशन हेड, एमईआइएल अनपरा एनर्जी लिमिटेड।

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