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सोनभद्र में बोले फुटबालर बाइचुंग भूटिया - 'मेहनत, समर्पण और अनुशासन से हर लक्ष्य हासिल करना संभव'

By Ashok TiwariEdited By: Abhishek sharma
Updated: Tue, 03 Feb 2026 04:47 PM (IST)

भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने सोनभद्र के एनसीएल दुधिचुआ ग्राउंड में 'लर्निंग फ्रॉम लीजेंड' कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया ...और पढ़ें

सोनभद्र में बाइचुंग भूटिया ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र।

सोनभद्र में बाइचुंग भूटिया ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र।

HighLights

  1. शारीरिक और मानसिक फिटनेस सफलता के लिए आवश्यक है।

  2. खेल हमें सफलता-असफलता को संभालना सिखाते हैं।

  3. जुनून, मेहनत और अनुशासन से हर लक्ष्य संभव।

जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र)। सफलता बड़ी ज़िम्मेदारियों के साथ आती है। जब आप एक सफल व्यक्ति बन जाते हैं, तब लोग आपको एक उदाहरण के रूप में देखते हैं। शारीरिक और मानसिक फिटनेस जीवन की किसी भी विधा में सफलता के लिए आवश्यक है। खेल हमें सफलताओं को संभालने और असफलताओं के साथ सामंजस्य बैठाना सिखाता है।

यह उद्गार एनसीएल के दुधिचुआ ग्राउंड में आयोजित यंग अचीवर्स प्रोग्राम के तहत लर्निंग फ्राम लीजेंड कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान, पद्मश्री एवं अर्जुन अवार्ड से सम्मानित बाइचुंग भूटिया ने व्यक्त किए।

भूटिया ने फुटबाल के मैदान के अपने अनुभवों को जीवन के विविध आयामों से जोड़ा। उन्होंने फिटनेस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि अच्छे फ़ूड हैबिट के साथ अल्पाहार और नियमित व्यायाम फिट रहने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने योग और सूर्य नमस्कार को नियमित आचरण में लाने के लिए प्रेरित किया।

अभिभावकों को बच्चों की रुचि के अनुसार कैरियर चुनने की आजादी देने और उसी अनुरूप वातावरण उपलब्ध कराने का सुझाव देते हुए भूटिया ने कहा कि सिक्किम के छोटे से गांव तिंकिताम से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले व्यक्ति के रूप में, अगर आप में प्रतिभा है तो संसाधनों की कमी आपकी सफलता में कभी बाधा नहीं बन सकती।

उन्होंने बच्चों को अपने जुनून को फॉलो करने और चुनौतियों के लिए सदैव तत्पर रहने की सीख दी। सीएमडी एनसीएल बी साईराम ने कहा कि फिजिकल एंड्यूरेंस के साथ मानसिक स्थिरता के बल पर भूटिया ने विश्वस्तरीय सफलता अर्जित की है।

भारत में फुटबाल के प्रति बढ़ते रुझान के आलोक में भूटिया ने सिंगरौली परिक्षेत्र के युवाओं को फ़ुटबाल सहित अन्य खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक विकास में भी सहायक होता है।

भूटिया ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए और कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि असफलता से डरने की बजाय, हमें उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

इस कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने भूटिया के विचारों को ध्यान से सुना और उनके अनुभवों से प्रेरणा ली। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि मेहनत और अनुशासन भी आवश्यक हैं।

भूटिया का यह संदेश युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि खेलों में भागीदारी से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि यह टीम वर्क और नेतृत्व कौशल को भी विकसित करता है।

बाइचुंग भूटिया ने अपने अनुभवों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया और उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए उत्साहित किया। उनका यह संदेश निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।