सोनभद्र में हरियाली के साथ बढ़ेगी ग्रामीणों की आय, 621 ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे 31.95 लाख पौधे
सोनभद्र जिले में हरित और पर्यावरणीय समृद्धि के लिए 621 ग्राम पंचायतों में 31.95 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 17.69 ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड तस्वीर
HighLights
सोनभद्र में 31.95 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य।
17.69 लाख फलदार पौधे पोषण और आय बढ़ाएंगे।
पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। जिले को हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने के लिए व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जनपद की 621 ग्राम पंचायतों में कुल 31 लाख 95 हजार 286 पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 17 लाख 69 हजार 281 फलदार पौधे शामिल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ ही भविष्य में पोषण और आय का भी आधार बनेंगे।
वन एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों द्वारा ग्राम पंचायतों का चयन कर रोपण स्थलों की पहचान कर ली गई है। साथ ही गड्ढों की खोदाई, पौधों के उठान और रोपण की कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई है। अभियान में आम, कटहल, अमरूद, नींबू, सहजन, जामुन और करौंदा जैसे फलदार पौधों को प्राथमिकता दी गई है। शेष 14 लाख 26 हजार 005 अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
घोरावल ब्लॉक में सर्वाधिक व चतरा में सबसे कम
विकास खंडवार लक्ष्य की बात करें तो घोरावल में सर्वाधिक चार लाख 86 हजार 579 पौधे रोपे जाएंगे। इसके बाद म्योरपुर में चार लाख 83 हजार 749, राबर्ट्सगंज में चार लाख 47 हजार 101, नगवां में दो लाख 85 हजार 297, चोपन में दो लाख 84 हजार 648 तथा दुद्धी में दो लाख 75 हजार 749 पौधे लगाए जाएंगे। बभनी में दो लाख 46 हजार 321, करमा में दो लाख 49 हजार 255, कोन में दो लाख 27 हजार 004 और चतरा में दो लाख नौ हजार 584 पौधों के रोपण का लक्ष्य तय किया गया है।
2,125 स्थलों पर होगा पौधारोपण, तैयारियां अंतिम चरण में
पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में कुल 2,125 स्थलों का चयन किया गया है। इनमें सबसे अधिक 397 स्थल घोरावल ब्लॉक में चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा राबर्ट्सगंज में 385 तथा म्योरपुर में 288 स्थलों का चयन हुआ है। सभी स्थानों पर भूमि चिह्नीकरण, गड्ढों की खोदाई और पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया चल रही है।
संरक्षण पर जोर, पिछले अनुभवों से लेंगे सबक
पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण तो हुआ, लेकिन कई स्थानों पर पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल के अभाव में बड़ी संख्या में पौधे सूख गए थे। इस बार प्रशासन पौधारोपण के साथ संरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की तैयारी कर रहा है। ग्राम पंचायतों, संबंधित विभागों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहे।
पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने का काम अपने अंतिम चरण में है। पौधारोपण के साथ उसके संरक्षण को लेकर भी इस बार व्यापक कार्य किया जाएगा। अधिक से अधिक फलदार पौधा लगाने से ग्रामीण अंचल के लिए लोग सशक्त होंगे।
रवींद्र वीर, डीसी मनरेगा व नोडल पौधारोपण अभियान
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