सोनभद्र में रिहन्द बांध का जलस्तर एक दिन में एक फीट तक बढ़ा
सोनभद्र में रिहन्द बांध का जलस्तर 24 घंटे में एक फीट बढ़ा है, जो तापीय बिजली परियोजनाओं के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे बिजली उत्पादन के लिए अगले एक व ...और पढ़ें

सोनभद्र में रिहन्द बांध का जलस्तर बढ़ा बिजली परियोजनाओं को मिली राहत।
HighLights
रिहन्द बांध का जलस्तर 24 घंटे में एक फीट बढ़ा।
तापीय बिजली परियोजनाओं के लिए यह वृद्धि सुखद संकेत है।
अगले एक वर्ष तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। रिहन्द बांध के जलस्तर में बीते 24 घंटे के दौरान एक फीट की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर में आई इस बढ़ोतरी को रिहन्द जलाशय पर निर्भर तापीय बिजली परियोजनाओं के लिए बेहद सकारात्मक और सुखद संकेत माना जा रहा है।
यदि आगामी दिनों में कैचमेंट क्षेत्र में बारिश का क्रम ऐसे ही जारी रहता है तो बांध में पर्याप्त जल भंडारण होने से अगले एक वर्ष तक बिजली परियोजनाओं को आवश्यकतानुसार पानी की भरपूर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जो कि विद्युत उत्पादन सुचारु बनाए रखने में काफी मददगार साबित होगा।
बीते 23 जुलाई की सुबह रिहन्द बांध का जलस्तर 843.1 फीट दर्ज किया गया था। वहीं 24 जुलाई की सुबह यह बढ़कर 844.1 फीट पहुंच गया। महज एक दिन में एक फीट की वृद्धि इस बात का संकेत है कि कैचमेंट क्षेत्र में हो रही अच्छी बारिश के असर से तापीय बिजली परियोजनाओं के उत्पादन पर मंडराने वाला संकट अब जल्द दूर हो सकता है।
रिहन्द बांध प्रदेश की कई प्रमुख तापीय बिजली परियोजनाओं के लिए जीवनरेखा माना जाता है। जनपद के रिहंदनगर, अनपरा, शक्तिनगर सहित सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश के सिंगरौली, बैढन और आसपास संचालित तापीय विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन के लिए रिहन्द बांध का पानी उपयोग में लाया जाता है।
खबरें और भी
ऐसे में मानसून के दौरान जलाशय का पर्याप्त रूप से भरना बिजली उत्पादन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। जानकारों का कहना है कि मानसून के दौरान यदि रिहन्द बांध में संतोषजनक जल भंडारण हो जाता है तो पूरे वर्ष बिजली उत्पादन पर जल संकट का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
इससे परियोजनाओं को निर्बाध रूप से संचालन में सुविधा मिलती है और यह प्रदेश की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने में भी काफी सहायक सिद्ध होता है।