Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सोनभद्र के बीजपुर क्षेत्र में चिलचिलाती धूप में पेयजल संकट से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण

    By Mukesh Chandra SrivastavaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Wed, 27 May 2026 03:57 PM (IST)

    सोनभद्र के बीजपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण गहराया पेयजल संकट, जहां बाजार, मोटर गैरेज और राय कॉलोनी के निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। ...और पढ़ें

    सोनभद्र के बीजपुर में गहराया जल संकट, ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरसे।

    सोनभद्र के बीजपुर में गहराया जल संकट, ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरसे।

    HighLights

    1. बीजपुर में भीषण गर्मी से पेयजल संकट गहराया।

    2. ग्राम पंचायत की पानी सप्लाई एक सप्ताह से बंद।

    3. नए बोरवेल और टैंकर बढ़ाने की ग्रामीणों की मांग।

    जागरण संवाददाता, बीजपुर (सोनभद्र)। स्थानीय बीजपुर बाजार सहित मोटर गैरेज और राय कालोनी में पानी का संकट है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है जिससे स्थानीय निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो गए हैं।

    ग्राम पंचायत के माध्यम से होने वाली पानी की सप्लाई पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह बंद है। मुख्य बोरवेल पानी नहीं दे रहा। क्षेत्र के कुएं भी पूरी तरह सूख चुके हैं।जलस्तर नीचे गिर जाने के कारण पानी का कोई अन्य विकल्प नजर नहीं आ रहा है।

    लगभग दस हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। पूरे इलाके के लिए मात्र दो पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं जो इस भीषण गर्मी में नाकाफी हैं।

    ग्रामीणों ने बताया कि हम लोग इस चिलचिलाती धूप में घंटों टैंकरों का इंतजार करने को मजबूर हैं। पानी आते ही लूट मच जाती है, जिससे कई लोगों को खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। मजबूरन हमें महंगे दामों पर डिब्बा बंद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। इस भीषण जल संकट का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि बेजुबानों पर भी पड़ रहा है।

    खबरें और भी

    इलाके में पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है जिससे वे भी प्यास से व्याकुल होकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नए बोरवेल की व्यवस्था कराई जाए और टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि लोगों को इस भीषण तपिश में कुछ राहत मिल सके।

    ग्राम प्रधान दशमती गुप्ता ने बताया कि पुराना बोर ने पानी छोड़ दिया था। कुएं से पानी की सप्लाई दी जा रही थी लेकिन अब कुआं भी सूख गया है। पुराने बोर के पास नया बोर कराया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही जल संकट से मुक्ति मिलेगी।