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सुलतानपुर में बालिकाओं को मिलेगी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग, सेल्फ डिफेंस क्लब बनाकर दिया जाएगा 48 दिन का प्रशिक्षण

Published: Wed, 15 Jul 2026 04:44 PM (IST)

सुलतानपुर में 614 उच्च प्राथमिक, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं को 48 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण मिलेगा। फरवरी ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. सुलतानपुर में 614 स्कूलों की बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण।

  2. 48 कार्य दिवसों का प्रशिक्षण, फरवरी 2027 तक लक्ष्य।

  3. प्रशिक्षण के बाद स्कूलों में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन।

संवाद सूत्र, सुलतानपुर। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के अंतर्गत जिले के 614 उच्च प्राथमिक, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं काे प्रशिक्षित कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण यहां तैनात एसआइआरडी के माध्यम से प्रशिक्षित स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के अनुदेशक, व्यायाम शिक्षक या खेल शिक्षकों द्वारा दो माह यानि 48 कार्य दिवस तक दिलाया जाएगा।

प्रशिक्षण के बाद स्कूलों में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन अनिवार्य होगा। क्लब में शामिल 10 बालिकाएं अन्य बालिकाओं को नियमित प्रशिक्षण देंगी। शासन की नीति के अनुसार सभी उच्च प्राथमिक/कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में फरवरी, 2027 तक बालिकाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य पूरा किया जाना है।

स्पोर्ट्स शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए

बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा वीरांगना पोर्टल पर व्यायाम व स्पोर्ट्स शिक्षकों को विद्यालय आवंटित कर दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान इसी वीरांगना एप पर अपनी एवं बालिकाओं की उपस्थित, फोटोग्राफ व वीडियो क्लिप उन्हें अपलोड करना होगा।

48 दिनोंं का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रधानाध्यापक सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन करते हुए 10 बालिकाओं को प्रतिदिन अभ्यास का नेतृत्व करने के लिए चयन करेंगे। इसके लिए वे वीरांगना पोर्टल पर उपलब्ध वीडियो का सहयोग लेंगी। प्रशिक्षित बालिकाओं को अनिवार्य रूप से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।

प्रशिक्षण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां 

-आत्मरक्षा प्रशिक्षण खुले, स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण में कराया जाएगा
-शुुरुआत में बालिकाओं को इसके महत्व बताते हुए साधारण व्यायाम कराए जाएं
-माड्यूल के प्रयोग से आत्मरक्षा कौशल विकास की तकनीक सिखाया जाए
-बालिका अस्वस्थ न हो और शारीरिक गतिविधि के लिए तैयार हो
-बालिकाओं को पूरी तरह से अभ्यास सुनिश्चित कराया जाए
-बालिकाएं कौशल का उपयोग आपस में न कर विशेष परिस्थितियों में ही करें

शासन की मंशा के अनुरूप बालिकाओं का प्रशिक्षण कराने की तैयारी पूरी हो चुकी है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्यालयों का भ्रमण व प्रशिक्षणकर्ताओं की बैठक करने को कहा गया है। -उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी

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