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सुलतानपुर : डिजिटल लर्निंग से लैस हुए 34.29 परिषदीय स्कूल, 2076 के सापेक्ष 712 विद्यालयों तक पहुंची डिजिटल एजुकेशन

Published: Wed, 15 Jul 2026 04:30 PM (IST)

सुल्तानपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के 2076 स्कूलों में से 712 में डिजिटल लर्निंग की सुविधा शुरू हो गई है, ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सुल्तानपुर के 712 स्कूलों में डिजिटल लर्निंग सुविधा उपलब्ध।

  2. 2504 स्कूलों को दो-दो टैबलेट दिए गए हैं।

  3. बच्चों को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने का लक्ष्य।

संवाग सूत्र, सुलतानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों को निजी विद्यालयों के समकक्ष आधुनिक बनाने की दिशा में डिजिटल लर्निंग की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसके तहत अब तक केजीबीवी समेत 2076 स्कूलों के सापेक्ष 712 स्कूलों में डिजिटल लर्निंग की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।

इसके अलावा दो हजार 504 स्कूलों में प्रति विद्यालय दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इस क्रम में 12 कंपोजिट विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी, 473 में स्मार्ट क्लास, 122 स्कूलों में आइसीटी (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) लैब बनाए जा चुके हैं। 105 स्कूलों में इंटरनेट ब्राड बैंड लगाए गए हैं।

क्या है डिजिटल शिक्षा का मुख्य उद्देश्य?

डिजिटल शिक्षा का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को आधुनिक तकनीक युक्त शिक्षा देकर शहरी स्कूलों के बच्चों के समकक्ष प्रदर्शन के योग्य बनाना है। स्मार्ट शिक्षा के माध्यम से परंपरागत शिक्षा प्रणाली की बोरियत को खत्म कर शिक्षा को रोचक बनाना है। वहीं, डिजिटल संसाधनों के प्रयोग से बच्चे भविष्य में तकनीकी दक्षता आसानी से हासिल करने में सफल होंगे।

ई लर्निंग प्रणाली बच्चों में विषय व सामग्री को रटने के बजाय उनमें आत्मसात करने की प्रवृत्ति को मजबूत करेगी। इसी उद्देश्य से सरकार ने चरणबद्ध ढंग से सभी स्कूलों को डिजिटल शिक्षा से आच्छादित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में ब्लाकों के कंपोजिट विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई गई है।

इसमें अखंडनगर का कंपोजिट विद्यालय, भदैया सकरसी, धनपतगंज चरथई, दोस्तपुर में दोस्तपुर व पलियागोलपुर, दूबेपुर में पलिया, जयसिंहपुर भभोट, कादीपुर कटसारी, करौंदीकला हिंदुआबाद, कूरेभार अकोढ़ी, कुड़वार खादर बसंतपुर, मोतिगरपुर में काछा भिटौरा में डिजिटल लाइब्रेरी शामिल है। डिजिटल रजिस्टर बनाने के लिए स्कूलों में दो-दो टैबलेट भी पहुंचाए गए हैं।

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से वहां डिजिटल संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। अभी तक 34.29 प्रतिशत विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा शुरू कर दी गई है। अन्य स्कूलाें को धीरे-धीरे योजना से आच्छादित किया जा रहा है। -उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी

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