विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

थाली में सजेगा नीदरलैंड का लाल-गुलाबी आलू, सुलतानपुर में होगी मलबेरी ब्यूटी आलू की खेती

Published: Wed, 28 Oct 2026 06:17 PM (IST)

सुलतानपुर में अब नीदरलैंड की मलबेरी ब्यूटी किस्म का लाल-गुलाबी आलू और पूसा सृजन गेहूं की खेती का परीक्षण होगा। ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. मलबेरी ब्यूटी आलू का छिलका गहरा लाल, गूदा गुलाबी।

  2. पूसा सृजन गेहूं अधिक पैदावार और दोगुना भूसा देगा।

  3. सुलतानपुर में कर्नल हरिश्चंद्र सिंह कर रहे खेती में नवाचार।

जागरण संवाददाता, सुल्तानपुुर। अब तक सफेद और हल्के पीले रंग का आलू देखा होगा, लेकिन जल्द ही आपकी थाली में गहरे लाल छिलके और गुलाबी गूदे वाला आलू भी नजर आएगा। देखने में आकर्षक और स्वाद में खास, मलबेरी ब्यूटी नाम की इस रंगीन आलू की किस्म का बाराबंकी के एक जैविक फार्म पर एक हेक्टेयर में परीक्षण किया जाएगा।

यह है कि काटने और पकाने के बाद भी इसका रंग बरकरार रहता है। इसके अलावा अधिक पैदावार और दोगुना भूसा देने की क्षमता वाली गेहूं की नई किस्म पूसा सृजन का भी प्रयोग होगा।

रंगीन आलू से प्रीमियम बाजार पर नजर

सुलतानपुर के मधुबन निवासी सेवानिवृत्त कर्नल हरिश्चंद्र सिंह खेती में नवाचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हरिश्चंद्र सिंह का नाम उन्होंने मन की बात में कर चुके हैं, जब किसान विदेशी चिया सीड्स की खेती करते थे। अब नीदरलैंड में विकसित मलबेरी ब्यूटी का प्रयोग करने के लिए बोआई शुरू कर दी है। सेवानिवृत्त कर्नल ने बताया कि सामान्य आलू से कई मायनों में अलग है। इसका छिलका गहरे लाल रंग का और गूदा गुलाबी होता है।

उबालने पर यह पूरी तरह लाल दिखाई देता है। मध्यम आकार, अंडाकार बनावट और कम गहरी आंखों वाला यह आलू स्वाद के साथ अपनी आकर्षक रंगत के लिए भी पहचाना जाता है। इसका स्वाद हल्का मलाईदार और कुछ अखरोट जैसा बताया जाता है। भारत में इसकी उपलब्धता अभी सीमित है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी इसका परीक्षण चल रहा है। अब पहली बार बाराबंकी में प्रयोग होगा।

प्रति एकड़ 180 क्विंटल तक उत्पादन

हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि मलबेरी ब्यूटी देर से तैयार होने वाली किस्म है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रति एकड़ 160 से 180 क्विंटल है। खेती में प्रति एकड़ लगभग 12 से 14 क्विंटल बीज की जरूरत पड़ती है।

पूसा सृजन गेहूं में अधिक पैदावार की उम्मीद

रंगीन आलू के साथ किसान हरिश्चंद्र सिंह पूसा सृजन नाम की पोषण-समृद्ध गेहूं की किस्म का भी एक हेक्टेयर में परीक्षण करने जा रहे हैं। इसकी बालियां और पौधे सामान्य गेहूं की तुलना में लंबे होते हैं। इसके जरिए अधिक उत्पादन और लगभग दोगुना भूसा मिलने की उम्मीद है। डंठल से पेय पदार्थ पीने के लिए स्ट्रॉ बनाने की संभावना भी तलाशी जा रही है। कृषक ने बताया कि पूसा सृजन गेहूं की एक उन्नत किस्म है, इसे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली में विकसित किया गया है।

मलबेरी ब्यूटी प्रजाति की आलू का उत्पादन अन्य प्रजातियों की अपेक्षा अधिक है। गोमती के आसपास के क्षेत्र में इसकी खेती अच्छी होगी। इसमें शुगर की मात्रा कम होती है और ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है।- राम अकबाल यादव, जिला उद्यान अधिकारी

यह भी पढ़ें- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, DGP ने दिए SIT जांच के आदेश

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।