सुलतानपुर में 'वीबी जी राम जी' में 27 दिन में 19 हजार परिवारों ने मांगा रोजगार, 2275 कार्य योजनाएं तैयार
सुलतानपुर में विकसित भारत 'जी राम जी' योजना के तहत 27 दिनों में 19 हजार से अधिक परिवारों ने रोजगार मांगा है। इसके लिए 2,275 कार्ययोजनाएं तैयार की गई ह ...और पढ़ें

वीबी जीराम जी योजना में 27 दिन में 19 हजार परिवारों ने मांगा रोजगार।
HighLights
27 दिनों में 19 हजार से अधिक परिवारों ने मांगा रोजगार।
2,275 कार्ययोजनाएं तैयार, 288 गांवों में काम शुरू।
श्रमिकों को प्रतिदिन ₹300 मजदूरी का भुगतान होगा।
जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। विकसित भारत 'जी राम जी' योजना शुरू होने के महज 26 दिनों के भीतर सुलतानपुर जिले में रोजगार की मांग तेजी से बढ़ी है। अब तक 19 हजार से अधिक परिवारों ने काम की मांग की है।
इनके लिए 2,275 कार्ययोजनाएं तैयार की जा चुकी हैं और 288 गांवों में कार्य शुरू हो गया है। तकनीकी स्वीकृति और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गई विकसित भारत 'जी राम जी' योजना को सुलतानपुर में गति मिल रही है। योजना लागू होने के 27 दिनों के भीतर जिले के 19 हजार से अधिक परिवारों ने रोजगार की मांग दर्ज कराई है। मांग के अनुरूप 2,275 कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं। इनमें से 288 गांवों में विकास कार्य शुरू भी करा दिए गए हैं।
प्रदेश स्तर पर अब तक 7,96,045 परिवारों ने योजना के तहत रोजगार मांगा है। इसके लिए 75 जिलों में 1,89,000 कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं। सुलतानपुर की सभी 979 ग्राम पंचायतों में रोजगार की मांग दर्ज की गई है।
योजना के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को भी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्कशेड, समूह कार्यालय, परिसंपत्तियों का रखरखाव, पेयजल परियोजनाएं, चकमार्गों की पटाई, इंटरलॉकिंग, अन्नपूर्णा भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालयों की बाउंड्रीवाल, पंचायत भवनों की मरम्मत, खेल मैदान बनाने जैसे कार्य कराए जाएंगे।
ऐसे होगी भुगतान प्रक्रिया
योजना में पहले कार्ययोजना तैयार होगी। इसके बाद तकनीकी स्वीकृति, ऑनलाइन एस्टीमेट फीडिंग और वर्क आइडी जारी की जाएगी। कार्य पूरा होने पर ब्लाक स्तर से फंड ट्रांसफर आर्डर (एफटीओ) तैयार होगा। इसके बाद उपायुक्त, अकाउंटेंट, डीडीओ आपरेटर और डीडीओ की ऑनलाइन स्वीकृति के बाद ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया एसएनए स्पर्श सॉफ्टवेयर पर संचालित होगी।
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वीबी जी राम जी योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कार्ययोजनाओं को तकनीकी स्वीकृति दिलाकर जल्द अधिक से अधिक गांवों में काम शुरू कराया जाएगा। -अजीत सिंह, उपायुक्त, विकसित भारत जी राम जी योजना।
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