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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विदेशी दुल्हन ले आया यूपी का छोरा, एक नजर में हुआ था प्यार… घरवाले बोले- बेटा बचपन से ही होनहार

    Updated: Fri, 23 Aug 2024 05:10 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के एक युवक ने फ्रांस की युवती से शादी रचाई है। दोनों के बीच नौकरी के दौरान दोस्ती हुई थी जिसके बाद उन्होंने शादी करने ...और पढ़ें

    विवाह के बंधन में बंधे शुभांकर व नीना सेलादा। सौ. परिजन
    विवाह के बंधन में बंधे शुभांकर व नीना सेलादा। सौ. परिजन

    HighLights

    1. पढ़ाई करने फ्रांस गए शुभांकर, वहीं करने लगे नौकरी
    2. विदेशी दुल्हन का स्वागत करने उमड़े गांव के लोग

    संवाद सूत्र, भदैंया/सुलतानपुर। अत्यंत गरीब परिवार में जन्मे पखरौली गांव निवासी शुभांकर ने अपनी मेधा का ऐसा परचम बुलंद किया कि फ्रांस की बेटी उन पर फिदा हो गई। दोनों का प्यार परवान चढ़ा और जीवनभर के लिए एक-दूसरे के हो गए। 

    गत दिनों परिजनों के साथ फ्रांस से इंडिया पहुंचीं अंग्रेजी मैम ने तथागत की उपदेश स्थली सारनाथ में बौद्ध रीति-रिवाज से शादी रचाई है। पखरौली गांव में अंग्रेजी बहुरिया आने की खबर फैली तो लोग स्वागत को उमड़ पड़े।

    फाइन आर्ट में गोल्ड मेडलिस्ट

    पखरौली गांव निवासी पुस्तक विक्रेता राजेश कुमार एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला देवी के छोटे पुत्र शुभांकर बचपन से ही होनहार थे। गौरीगंज नवोदय विद्यालय के टॉपर रहे। 

    विश्व भारती यूनिवर्सिटी पश्चिम बंगाल से फाइन आर्ट में गोल्ड मेडलिस्ट बनकर नाम रोशन किया। आल इंडिया फर्स्ट रैंक लाने के बाद छात्रवृत्ति पर शुभांकर पढ़ाई के लिए फ्रांस में चले गए। पढ़ाई पूरी होने के बाद वहीं नौकरी करने लगे, जहां उनकी फ्रांसीसी बाला नीना सेलादा से मुलाकात हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। 

    कई वर्षों तक दोनों एक-दूसरे के करीब रहे। जब प्यार परवान चढ़ा तो शादी रचाने का निश्चय कर लिया। बीते पखवारे नीना सेलादा मां वेरोनिका निवासी मार्शे फ्रांस व अन्य सगे-संबंधियों के साथ भारत आ पहुंचीं। 

    सारनाथ में बौद्ध रीति-रिवाज से रचाई शादी

    शुभांकर प्रकाश भारतीय के साथ सारनाथ में बौद्ध रीति-रिवाज से शादी रचाई। शादी की रस्में सुलतानपुर के युवा कवि एवं बौद्धाचार्य शरद कुमार बौद्ध ने पूरी कराई। 

    नवविवाहित जोड़े को शुभांकर के पिता राजेश कुमार, मां सुशीला देवी, भाई डॉ. इरवींद्र प्रकाश भारतीय, आरटीओ देवमणि भारतीय, दयाराम बौद्ध, प्रो. बृजेश अस्थावल, शैलेंद्र भीम आदि ने आशीर्वाद दिया। गांव के लोग विदेशी बहू को आशीर्वाद दे रहे हैं।

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