यूपी में 'साथी पोर्टल' से होगा बीज का वितरण, सुलतानपुर में एक अगस्त से प्रभावी होगी योजना
किसानों को अब बीज ऑनलाइन 'साथी पोर्टल' के माध्यम से मिलेगा, जिसके लिए निजी विक्रेताओं को पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त ...और पढ़ें
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साथी पोर्टल से होगा बीज का वितरण।
HighLights
निजी बीज विक्रेताओं को साथी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य।
1 अगस्त से सुलतानपुर में ऑनलाइन बीज वितरण प्रभावी।
पारदर्शिता बढ़ेगी, कालाबाजारी रुकेगी, गुणवत्ता जांच संभव।
जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। किसानों को अब बीज ऑनलाइन मिलेगा। दुकानदार उन्हें बीज सीधे नहीं बेच सकेंगे। बीज के निजी विक्रेताओं के लिए पुरानी व्यवस्था समाप्त हो रही है। उन्हें साथी पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। इसके बाद ही वह किसानों को बीज दे सकेंगे। मूल्य का भुगतान साथी पोर्टल पर ही किसान करेगा।
हस्तलिखित रसीद के माध्यम से कारोबार विक्रेता नहीं कर सकेंगे। एक अगस्त से यह योजना प्रभावी होने जा रही है। जो निजी बीज विक्रेता पंजीयन नहीं कराएगा उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से पंजीयन के लिए उन्हें 31 जुलाई तक समय सीमा तय की गई है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जनपद में 898 विक्रेताओं को शासन से उपलब्ध कराए गए आईडी व पासवर्ड को कृषि विभाग की ओर से जारी किया गया है। उन्हें साथी पोर्टल पर लागिन कर अपना प्रोफाइल अपडेट करना होगा।
आधार, दुकान के संचालन का लाइसेंस, फोटो आदि भी ऑनलाइन सबमिट करने होंगे। इसे करने से वह सभी किसानों को अनुदानित व अन्य बीजों का वितरण कर सकेंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम तक 36 दुकानदारों ने अपना पंजीयन करा लिया था।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से बीज विक्रय में पारदर्शिता आएगी। कालाबाजारी पर अंकुश लग सकेगा। इससे उच्चाधिकारी निगरानी के समय जान सकेंगे कि किस दुकानदार ने कौन सा बीज, कितना, किस दर पर किसे बेचा। पोर्टल पर ही कंपनी बीज थोक विक्रेता को आवंटित करेगी और भुगतान लेगी। इसी तरह थोक विक्रेता लाइसेंस धारक दुकानदार को बीज उपलब्ध कराएगा।
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बार कोड स्कैन कर जान सकेंगे गुणवत्ता
दुकानदार से बीज खरीदने के दौरान किसान उसकी गुणवत्ता के बारे में संपूर्ण जानकारी ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें बोरी या पैकेट पर बने बार कोड को स्कैन करना होगा। उसे स्कैन करने के बाद उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व, उत्पादन, फसल के तैयार होने की अवधि आदि की सूचना मिल सकेगी।
एक अगस्त से बीज वितरण को लेकर केंद्र सरकार नई व्यवस्था करने जा रही है। इसके अंतर्गत साथी पोर्टल पर सभी निजी बीज विक्रेताओं को पंजीयन कराना होगा। तभी वह बीज का विक्रय कर सकेंगे। अन्यथा उनका लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। -राजपति शुक्ल, जिला कृषि अधिकारी।