गंगा एक्सप्रेसवे पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, बिहार जा रही चंडीगढ़ की 142 पेटी शराब पकड़ी
गंगा एक्सप्रेसवे पर एसटीएफ, आबकारी और औरास पुलिस ने बिहार ले जाई जा रही चंडीगढ़ की 142 पेटी अवैध शराब पकड़ी। ...और पढ़ें

HighLights
गंगा एक्सप्रेसवे पर 142 पेटी अवैध शराब पकड़ी गई।
चंडीगढ़ से बिहार जा रही थी तस्करी की शराब।
एक चालक गिरफ्तार, दो मुख्य तस्करों की तलाश जारी।
जागरण संवाददाता, औरास (उन्नाव)। एसटीएफ लखनऊ के साथ आबकारी और औरास पुलिस की संयुक्त टीम ने तस्करी कर लोडर से गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते बिहार राज्य ले जाई जा रही चंडीगढ़ में बिक्री होने वाली 142 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की है।
चालक को गिरफ्तार कर वाहन भी कब्जे में लिया गया है। चालक के गांव के दो सगे भाई तस्करी के मास्टरमाइंड हैं। चालक समेत तीनों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस तस्कर भाइयों की तलाश कर रही है। बिहार राज्य में शराब बंदी होने से तस्कर चंडीगढ़ से शराब ले जाकर वहां महंगे दामों में बेंचते थे।
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने बताया कि एसटीएफ लखनऊ के हेड कांस्टेबल नीरज मिश्रा को सूचना मिली कि एक लोडर में चंडीगढ़ की अंग्रेजी शराब को बिहार राज्य ले जाया जा रहा है।
इस पर औरास पुलिस के साथ रविवार रात 9:30 बजे लोडर को संदेह के आधार पर रोका गया। चालक ने अपना नाम रंजीत पुत्र सर्वेश निवासी टिकरावाउ थाना औरास बताया। लोडर से रायल स्टैग ब्रांड की 92 पेटी (2208 हाफ बोतल) और 50 पेटी (600 फुल बोतल) बरामद हुईं।
यह शराब पंजाब के चंडीगढ़ में ही बिक्री के लिए वैध थी। पूछताछ में आरोपित चालक रंजीत ने बताया कि उसके गांव के दो सगे भाई अजय व विपिन लगभग पांच साल पहले मजदूरी करने चंडीगढ़ गए थे। इसके बाद दोनों वहीं अवैध कारोबार में लिप्त हो गए।
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दोनों भाईयों ने ही कन्नौज के अरौलिया गांव तक शराब की पेटियां भेजी थीं। इसके बाद उसने कन्नौज से अपने लोडर में शराब लोड की और बिहार राज्य ले जाने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते निकला था। रास्ते में उसका गांव पड़ने से स्वजन से मिलने के लिए लोडर एक्सप्रेसवे से नीचे उतारकर गांव जा रहा था, तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
एसओ औरास संजीव कुशवाहा ने बताया कि चालक ने कन्नौज से शराब लोड करने की बात कही है। शराब किसके यहां से लोड की उसका नाम नहीं बता पाया।
चालक की मदद से शराब तस्करी करने वाले उसके गांव के दोनों सगे भाई अजय व विपिन के साथ गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है। रंजीत, अजय व विपिन पर आबकारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की की गई है। अजय और विपिन ही अवैध कारोबार के सरगना हैं। दोनेां की की तलाश की जा रही है।
वाहन में लगाई थी फर्जी नंबर प्लेट
एसओ औरास संजीव कुशवाहा ने बताया कि चालान की कार्रवाई से बचने व पुलिस को चकमा देने के लिए चालक रंजीत ने लोडर में इटावा रजिस्ट्रेशन नंबर की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। जांच में पता चला कि लोडर लखनऊ रजिस्ट्रेशन नंबर से रंजीत के नाम पर दर्ज है। उसने पहली खेप बिहार ले जाने की बात कही जबकि लंबे समय से अवैध कार्य करने की आशंका है।
संयुक्त कार्रवाई में शामिल रहीं ये टीमें
राजफाश में एसटीएफ लखनऊ के हेड कांस्टेबल नीरज मिश्रा, विजेंद्रनाथ, अमित यादव, हसनगंज की आबकारी इंस्पेक्टर ज्योति अग्रवाल, आबकारी के मुख्य आरक्षी राम प्रकाश दीक्षित, अविनाश तिवारी व प्रभारी निरीक्षक औरास संजीव कुशवाहा और उनकी टीम शामिल रही।