Ramleela: शोभन सरकार की एक सीख और बदल गई इस युवा की जिंदगी..उन्नाव की रामलीला में छाया LLB छात्र का 'राम अवतार'
शुक्लागंज की रामलीला में राम का अभिनय कर रहे राकेश दीक्षित, जो संस्कृत से एमए के बाद एलएलबी कर रहे ...और पढ़ें

ऋषि आश्रम की रामलीला में राम की वेष में (बाएं) राकेश व लक्ष्मण की वेष में शुभम। जागरण
HighLights
LLB छात्र राकेश दीक्षित 13 वर्ष से निभा रहे राम का किरदार
लक्ष्मण शुभम तिवारी ने संस्कृत में एमए कर जीवन समर्पित किया
पवन त्रिवेदी 1200 मंचों पर रावण का अभिनय कर दर्शकों को सहमाते।
कामोद पांडेय, शुक्लागंज (उन्नाव)। 13 वर्ष की उम्र से शोभन सरकार को रामायण सुनाते-सुनाते शोभन निवासी 28 वर्षीय राकेश राम का अभिनय करने लगे। उन्होंने बताया कि शोभन सरकार ने उनसे कहा था कि राम का अभिनय बड़े ही सहज भाव से करना होगा। तब से वह रामलीला के मंचों पर राम के अभिनय को कर रहे हैं।
राकेश दीक्षित ने बताया कि लगभग 15 वर्षों में वह कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर, औरैया, बांदा, मैनपुरी समेत प्रदेश के लगभग 20 जनपदों में राम का अभिनय कर चुके हैं। आगे बताया कि शुक्लागंज के ऋषि आश्रम में रामलीला करने वह और वहीं पास के गांव जुगराजपुर बिठूर में रहने वाले लक्ष्मण का अभिनय करने वाले शुभम तिवारी के साथ 40 किमी. बाइक से रोजाना आते हैं। लीला के समापन के पश्चात घर लौट जाते हैं।
राकेश बताते हैं कि वह टिकरा संस्कृत महाविद्यालय से संस्कृत से एमए करने के बाद कानपुर के वीएसएसडी कालेज से एलएलबी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। एलएलबी की शिक्षा पूरी होने के बाद वह वकालत करेंगे।
इसके अलावा रामलीलाओं के मंच से भी जुड़े रहेंगे। बताया कि उनकी शादी शोभन सरकार ने वर्ष 2016 में वहीं सिंहपुर की रहने वाली गुंजन से कराई थी। उनके एक छह साल की बेटी वसु और तीन साल का बेटा लव है।
लक्ष्मण का अभिनय कर रहे शुभम बोले : जीवन रामलीला को समर्पित
ऋषि आश्रम में चल रही रामलीला में लक्ष्मण का अभिनय कर रहे शोभन के निकट जुगराजपुर बिठूर के रहने वाले 28 वर्षीय शुभम तिवारी ने बताया कि उन्होंने संस्कृत विद्यालय टिकरा से संस्कृत में एमए किया है। बताते हैं कि आगे का जीवन रामलीला को ही समर्पित रहेगा। उन्होंने बताया कि उनकी भी शादी शोभन सरकार ने वर्ष 2016 में शोभन के पास स्थित गांव सुजानपुर की रहने वाली रुचि से कराई थी। उनके छह वर्ष की बेटी छवि व चार वर्ष का बेटा कार्तिक है।
रावण के किरदार में पवन त्रिवेदी की गर्जना व अट्टहास से सहम जाते दर्शक
ऋषि आश्रम की रामलीला में रावण का अभिनय कर रहे मंधना के लोधर गांव के रहने वाले 41 वर्षीय पवन त्रिवेदी के मंच पर रावण की वेषभूषा में आकर गर्जना व अट्टहास करने के दौरान दर्शक सहम जाते हैं। उन्हें देखते ही और उनकी भारी भरकम आवाज सुनते ही रामलीला परिसर में माहौल शांत हो जाता है। दर्शक टकटकी लगाकर उनके अभिनय को देखकर प्रशंसा व सराहना करते नहीं थकते।
पेशे से पूजा पाठ कराने वाले पंडित पवन त्रिवेदी बताते हैं कि मंधना के ब्रह्मावर्त डिग्री कालेज से वर्ष 2004 में बीए किया था। अब रामलीला के मंचों पर रावण का अभिनय कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी समेत अन्य जनपदों में रामलीला के मंचों पर रावण का अभिनय कर चुके हैं।
उन्होंने आगे बताया कि भारी भरकम आवाज से गर्जना और अट्टहास करना उनके गुरु धनकुट्टी कानपुर निवासी गोलोकवासी हरिश्चंद पांडेय ने सिखाया। रावण के अभिनय करने की तमाम बारीकियों की भी सीख दी। वह बताते हैं कि वह अब तक लगभग 1200 मंचों पर रावण की भूमिका अदा कर चुके हैं।
रावण का अभिनय करने की प्रेरणा उनके परिवार के रिश्ते में बाबा लगने वाले डा. रामविलास त्रिवेदी निवासी ग्राम छोटीमनो शिवली ने दी। वर्ष 2012 में रंजना से शादी हुई। एक 11 वर्षीय बेटा राम त्रिवेदी दिव्यांग है। एक छह वर्षीय बेटी जया है।
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