उन्नाव में 3 मोबाइल नंबरों से अपलोड किए गए बच्चों के अश्लील वीडियो, महिला पर रिपोर्ट
उन्नाव में तीन मोबाइल नंबरों से बच्चों के अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में हसनगंज की एक महिला के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। वह ...और पढ़ें

HighLights
हसनगंज की महिला पर बाल अश्लील सामग्री अपलोड का आरोप।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली थी टिपलाइन रिपोर्ट।
उन्नाव में 1.34 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का भी मामला।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से चाइल्ड पोनोग्राफी से संबंधित वीडियो अपलोड किए जाने के मामले में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली चार टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर साइबर थाना में एक महिला के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह महिला हसनगंज क्षेत्र की रहने वाली है। साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की है।
साइबर थाना के दारोगा सुभाष चंद्र ने तहरीर में बताया कि गृह मंत्रालय के एनसीआरपी पोर्टल से उन्हें इंटरनेट मीडिया पर बाल अश्लील सामग्री साझा किए जाने की जानकारी मिली। एनसीआरपी पोर्टल की टिप लाइन में तीन मोबाइल नंबर संदिग्ध के रूप में अंकित किए गए थे। जांच के दौरान संबंधित मोबाइल नंबर हसनगंज क्षेत्र के आजाद नगर में रहने वाली महिला के नाम पर पंजीकृत मिले।
प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल नंबरों से बाल अश्लील सामग्री अपलोड व प्रचलित किए जाने के संकेत मिले हैं। मामला सीओ सिटी व नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विनी सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। दारोगा सुभाष चंद्र की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
दारोगा सुभाष चंद्र के अनुसार पुलिस अब महिला के मोबाइल, इंटरनेट मीडिया अकाउंट, डिजिटल साक्ष्य व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आपत्तिजनक सामग्री किस माध्यम से अपलोड या प्रसारित की गई। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खाते से 1.34 लाख रुपये की आनलाइन ठगी
सदर क्षेत्र के ख्वाजगीपुर निवासी पिंटू पुत्र नवल किशोर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका आदर्शनगर नहर के पास स्थित बैंक में खाता है। खाते में उसका मोबाइल नंबर दर्ज है। 15 फरवरी 2026 से 16 अप्रैल 2026 के बीच उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से कुल 1.34 लाख रुपये निकाल लिए गए। मोबाइल में बैलेंस न होने के कारण लेनदेन का संदेश नहीं आ पाया। 16 अप्रैल 2026 को बैंक जाकर खाते की जांच कराई तो खाते में रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। 23 अप्रैल 2026 को पीड़ित द्वारा तहरीर दी गई। अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। जासं