पत्नी से अलगाव का गुस्सा पिता पर निकाला, मंदिर में दीपक जलाते ही बेटे ने कुल्हाड़ी से काटकर कर दी हत्या, थाने में आत्मसमर्पण
उन्नाव में एक बेटे ने अपनी पत्नी से अलगाव का आरोप माता-पिता पर लगाते हुए पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। भाजपा नेता प्रमोद उर्फ रेवती मंदिर में दीपक ...और पढ़ें

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आठ साल पहले आरोपित का पत्नी से हो गया था अलगाव, माता-पिता को मानता था वजह
दिवंगत भाजपा के अनुसूचित मोर्चा का मंडल अध्यक्ष थे, कुल्हाड़ी लहराते हुए खुद थाने पहुंचा हत्यारोपित
संवाद सूत्र, औरास(उन्नाव)। पत्नी से आठ साल पहले हुए अलगाव का कारण माता-पिता को मानते हुए बेटे ने शनिवार रात ऐसा कृत्य किया कि हर किसी का कलेजा कांप गया। 10 दिन पहले चंडीगढ़ से लौटे युवक ने शनिवार रात लगभग 8:30 बजे घर से 100 मीटर दूर खेत में बने शनिदेव के मंदिर में तुलसी के पौधे के नीचे दीपक जलाने पहुंचे पिता पर कुल्हाड़ी से हमलाकर मौत की नींद सुला दिया।
चाचा बचाने दौड़े तो उन्हें भी कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा लिया। वह काफी देर तक मां को भी ढूंढता रहा। बेटे की आंखों में क्रोध देख मां ने दूसरे के घर में छिपकर जान बचाई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित कुल्हाड़ी लहराते हुए खुद औरास थाना पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने युवक को मानसिक बीमार बताया है। ग्रामीणों में पारिवारिक कलह के चलते वारदात को अंजाम देने की चर्चा है। पिता भाजपा के मंडल अध्यक्ष थे।
पिता भाजपा से अनुसूचित मोर्चा के हैदराबाद मंडल के अध्यक्ष थे
औरास क्षेत्र के चमारनखेड़ा के मजरा उटरा डकौली निवासी 58 वर्षीय प्रमोद उर्फ रेवती मौजूदा समय में भाजपा से अनुसूचित मोर्चा के हैदराबाद मंडल के अध्यक्ष थे। उनके चार बेटे चंडीगढ़ में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। सोने लाल के चाचा झब्बू ने बताया कि सोनेलाल का आठ वर्ष पूर्व पत्नी कृष्णावती से अलगाव हो गया था। पत्नी दो बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी। पत्नी के जाने के बाद से सोनेलाल मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
बच्चों को लेकर आरोपित चंडीगढ़ चला गया था
सोने लाल अपने दो बच्चों 15 वर्षीय सूर्या व 12 वर्षीय बेटी अंजलि को लेकर अन्य छोटे भाई दीपक, विकास व मुकेश के पास चंडीगढ़ चला गया। पत्नी से अलगाव की वजह वह अपने माता-पिता को मानता था। पिता से वह अधिक नाराज था। 10 दिन पहले वह दोनों बच्चों को अन्य भाइयों के पास चंडीगढ़ में छोड़कर गांव आया।
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गांव आते ही माता पिता से झगड़ने लगा
गांव आने के बाद से ही माता-पिता से उसका झगड़ा चल रहा था। घर पर न रहकर वह पिता द्वारा 100 मीटर दूर खेत में बनवाए गए शनिदेव के मंदिर पर ही रहता था। शनिवार रात 8:30 बजे पिता प्रमोद मंदिर में दीपक जलाने पहुंचे। तुलसी के पौधे के नीचे दीपक रखकर उसे जलाने के लिए झुककर माचिस जला ही रहे थे कि पीछे से बड़ा बेटा सोनेलाल पहुंचा और कुल्हाड़ी से पिता की गर्दन सिर व पीठ पर चार से पांच वार कर दिए। मौके पर पिता की मौत हो गई। माचिस की तीली हाथ में ही रह गई।
मां के घर पर न मिलने पवर बोलेरो के बोनट को किया क्षतिग्रस्त
आरोपित का चाचा झब्बू मंदिर पहुंचा तो उसे भी दौड़ा दिया। जान बचाकर चाचा के भागने पर आरोपित सोनेलाल खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर घर पहुंचा। घर पर काफी देर तक मां देशकुमारी को ढूंढता रहा। मां के न मिलने पर बाहर खड़ी अपनी ही बोलेरो के बोनट पर 10-15 वार कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद वह कुल्हाड़ी लेकर औरास थाना जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।
मानसिक रूप से बीमार है सोनेलाल
थाना प्रभारी संजीव कुशवाहा ने बताया कि सोनेलाल मानसिक रूप से बीमार है। उससे पूछताछ कर कारणों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है। एएसपी दक्षिणी शैलेंद्र लाल ने बताया कि हत्यारोपित मानसिक बीमार लग रहा है। उससे पूछताछ की कोशिश की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ बांगरमऊ हर्ष मोदी व सफीपुर विधायक बंबालाल भी मौके पर पहुंचे और स्वजन को ढांढस बंधाया। प्रमोद की मौत पर स्वजन बेहाल हैं।
प्रमोद की पूजा-पाठ में थी विशेष रुचि, बनवाए थे दो मंदिर
प्रमोद तीन भाइयों में बड़ा था। बचपन से ही धार्मिक प्रवत्ति का था। उसने दो मंदिरों का निजी खर्च से निर्माण कराया था। एक मंदिर घर से 100 मीटर दूर व दूसरा पड़ोसी गांव गोसाईखेड़ा में है। दोनों मंदिरों में रोज पूजा अर्चना करने जाता था। मंदिर में ही पूजा के दौरान बेटे ने उसकी जान ले ली घटना के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई बेटे सोनेलाल के इस कृत्य की निंदा कर उसे कोस पड़ा।
पिता से करता था झगड़ा, कहता था तुमने ही पत्नी से अलग कराया
ग्रामीणों ने बताया कि आठ साल पहले सोनेलाल से पत्नी कृष्णावती का अलगाव हो गया था। इसके बाद पत्नी सोनेलाल को छोड़कर मायके चली गई थी। सोनेलाल पत्नी से अलगाव होने की बड़ी वजह पिता को मानता था। इसको लेकर वह पिता से नाराज रहता था। ग्रामीणों के अनुसार वह पिता से यही कहता था कि तुमने ही पत्नी से मुझे अलग कराया। चंडीगढ़ से जब भी गांव आता था, उसका पिता व मां से झगड़ा होता था।
मंदिर में रहने लगा था सोने लाल
10 दिन पहले चंडीगढ़ से आने के बाद भी उसका माता-पिता से विवाद हुआ। इस पर वह घर से 100 मीटर दूर पिता के बनवाए शनिदेव मंदिर में ही रहने लगा था। शनिवार शाम सात बजे पिता से मंदिर पर पहले विवाद हुआ। इसके बाद ही आक्रोशित सोनेलाल ने कुल्हाड़ी से पिता की हत्या कर दी।