यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: उन्नाव में दो बार रेलवे पटरी हुई टेढ़ी, कानपुर-लखनऊ रेल रूट सवा दो घंटे बाधित, कई ट्रेनें रहीं प्रभावित
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक अजब घटना घटी। यहां शुक्लागंज में रेलवे गंगापुल पर डाउन ट्रैक की पटरी सोमवार को दो बार टेढ़ी हो गई। पहली बार दोपहर 1 ...और पढ़ें

HighLights
- गंगापुल के डाउन ट्रैक पर खड़ी रही मालगाड़ी
- तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण होती है घटना
जागरण संवाददाता, कानपुर/उन्नाव। शुक्लागंज में रेलवे गंगापुल पर डाउन ट्रैक की पटरी सोमवार को दो बार टेढ़ी हो गई। पहली बार दोपहर 12:25 बजे रेल पटरी टेढ़ी हुई, दूसरी बार अपराह्न 3:24 बजे। दोनों बार पटरी टेढ़ी होने पर अलग-अलग ब्लाक लेकर पटरी की मरम्मत कराई गई।
लगभग सवा दो घंटे तक कानपुर-लखनऊ रेल रूट बाधित रहा। पहली बार पटरी टेढ़ी होने के चलते गंगापुल पर एक मालगाड़ी एक घंटा 20 मिनट तक खड़ी रही। दोपहर 12:20 बजे लखनऊ को जाने वाली मेमू एक घंटे तक प्रभावित रही।
दूसरी बार रेलवे पुल के डाउन ट्रैक पर फिर पटरी टेढ़ी हो गई। इस दौरान बालामऊ पैसेंजर समेत अन्य ट्रेनें निकलती रहीं। शाम 5:05 से शाम 5:45 बजे तक 40 मिनट का ब्लाक लेकर पटरी की मरम्मत का कार्य कराया गया।
ब्लाक अवधि में कोई ट्रेन लखनऊ से कानपुर की ओर नहीं जा सकी। रायबरेली पैसेंजर, उत्सर्ग एक्सप्रेस व प्रतापगढ़ इंटरसिटी आदि ट्रेनें प्रभावित रहीं।

तापमान में उतार-चढ़ाव से टेढ़ी होती है रेल पटरी
तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण रेल पटरी टेढ़ी होती है। यह गर्मी के समय तब अधिक होता है, जब अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच अंतर काफी कम हो जाता है।
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कानपुर सेंट्रल स्टेशन के उप मुख्य यातायात प्रबंधक आशुतोष सिंह बताते हैं कि औसतन तापमान में उतार-चढ़ाव होता है। कई बार गर्मी व फिर तत्काल बारिश होने से पटरी के बीच में छोड़े जाने वाली जगह तक फैलाव हो जाता है। इससे पटरी टेढ़ी हो जाती है।
उन्होंने बताया कि जब तापमान सामान्य तौर पर 40 डिग्री होता है, तब ट्रेनों के गुजरने के कारण पटरी का तापमान 50 से 55 डिग्री तक पहुंच जाता है। इससे पटरी में लगे लोहे में फैलाव से टेढ़ी होने की घटनाएं होती हैं।