यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में 94,313 Ayushman Bharat Golden Cards पेडिंग, अप्रूवल के नाम पर मांगा जा रहा रुपये
पूर्वांचल में 94313 Ayushman Bharat Golden Cards अप्रूवल के लिए लंबित हैं। लाभार्थियों को छह महीने से अधिक समय हो गया है लेकिन साचीज एजेंसी ने अभी तक ...और पढ़ें

HighLights
- पहले दो मिनट में कार्ड होता था अप्रूव, अब लग रहा छह माह से अधिक का समय
- साचीज एजेंसी लखनऊ को मिली है जिम्मेदारी
जागरण संवाददाता, वाराणसी। आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Golden Cards ) के अंतर्गत पूरे पूर्वांचल में 94,313 गोल्डन कार्ड अप्रूवल नहीं हुए हैं। लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन कराए छह माह बीत गए हैं। इसके बाद भी अभी तक साचीज एजेंसी अप्रूवल नहीं कर पाई। वहीं दूसरी ओर इसका फायदा उठाने के लिए एक गिरोह सक्रिय है, जो रुपये लेकर कार्ड अप्रूवल कराने के नाम पर धन उगाही कर रही है। हालांकि, इस काले धंधे पर लगाम लगाया जा सकता है अगर सभी लाभार्थियों का कार्ड शीघ्र उपलब्ध करा दिया जाएगा।
जिले के शिव सर्जिकल नर्सिंग होम प्राइवेट लिमिटेड में मिस्बाह राणा सर्जरी कराने के लिए भर्ती हुए, लेकिन गोल्डन कार्ड अप्रूवल न होने की वजह से लंबे समय से प्रतीक्षा में हैं। सम्मुख हास्पिटल वाराणसी में आयुष्मान लाभार्थी स्टोन की समस्या होने पर भर्ती होने के लिए गई, लेकिन कार्ड अप्रूवल होने की इलाज नहीं करा पा रही है।
इसी तरह वाराणसी में 4391 सहित पूरे पूरे पूर्वांचल में 94,313 तो प्रदेश में 5,92,602 कार्ड पेडिंग है। वहीं 70 प्लस के बुजुर्गों के बनारस में 263 तो पूरे प्रदेश में 9,383 कार्ड पेंडिग है। गोल्डन कार्ड के अप्रूवल में काफी देरी हो रही है, जिससे मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जो प्रक्रिया पहले दो मिनट में पूरी होती थी, अब वह छह माह से पेंडिंग है, जिससे कई लोग दर-बदर भटकने को मजबूर हैं।
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यह चिंता का विषय है कि इस मामले में एक गिरोह भी सक्रिय है, जो संभवतः इस अप्रूवल प्रक्रिया को कमाई का जरिया बना ली है। मरीज राणा ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की गंभीरता को समझे और त्वरित समाधान निकाले।
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पहले दो मिनट में अप्रूवल मिलता था। अब करना पड़ रहा लंबा इंतजार। जागरण
रोगियों को उनके हक का लाभ समय पर मिलना चाहिए, ताकि वे सही समय पर उपचार ले सकें। इसके लिए पोर्टल की प्रक्रिया में सुधार करने और पेंडिंग मामलों को प्राथमिकता देकर निपटाने की आवश्यकता है। अगर इस स्थिति का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो इससे न केवल मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति प्रभावित होगी, बल्कि इससे संबंधित अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
पूर्वांचल में आयुष्मान का पेंडिंग गोल्डन कार्ड
| जिला | पेंडिंग लाभार्थी |
| जौनपुर | 29,874 |
| वाराणसी | 4391 |
| आजमगढ़ | 8832 |
| गाजीपुर | 11980 |
| मीरजापुर | 6136 |
| मऊ | 8529 |
| चंदौली | 4297 |
| सोनभद्र | 9437 |
| बलिया | 7391 |
| भदोही | 3446 |
| कुल | 94,313 |
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गिरोह का सीएचसी संचालक की खुली पोल
सीएमओ कार्यालय में मामला खुलने के बाद सीएचसी संचालक से दैनिक जागरण ने मैसेज के थ्रू आयुष्मान कार्ड अप्रूवल के लिए बातचीत की, जिसमें पांच हजार रुपये की मांग की गई। इस तरह न जाने कितने लोग इलाज के लिए इस जाल में फंस जा रहे हैं। फिर भी शासन-प्रशासन द्वारा व्यवस्था को दुरुस्त करने में देरी की जा रही है।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद साचीज एजेंसी से अप्रूवल होता है। - डा. एसएस कन्नौजिया, नोडल आयुष्मान भारत योजना।