Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बीएचयू के विज्ञानियों ने दो साहीवाल गायों से प्राप्त किए एक साथ 31 भ्रूण

    Updated: Mon, 11 Aug 2025 11:45 AM (IST)

    BHU News बीएचयू के मीरजापुर में बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय (एफवीएएस) में मिली है। राष्ट्रीय कृषि विक ...और पढ़ें

    बीएचयू के विज्ञानियों ने दो साहीवाल गायों से प्राप्त किए एक साथ 31 भ्रूण।
    बीएचयू के विज्ञानियों ने दो साहीवाल गायों से प्राप्त किए एक साथ 31 भ्रूण।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विज्ञानियों ने एक ही साहीवाल गाय से एक साथ 23 भ्रूण प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। इसके तुरंत बाद विज्ञानियों ने दूसरी साहीवाल से आठ भ्रूण निकाले। इन भ्रूणों को कम दूध देने वाली सरोगेट गायों की कोख में स्थानांतरित कर उत्तम नस्ल की साहीवाल बछिया प्राप्त की जाएंगी।

    यह भी पढ़ें वाराणसी में नौकरी की तलाश में आई युवत‍ियों को देह व्यापार में धकेला, सच्‍चाई कर देगी हैरान

    यह सफलता विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय (एफवीएएस) में मिली है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत पशु विज्ञानी उत्तम नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाने के लिए एंब्रियो ट्रांसफर (एमओईटी) पद्धति का प्रयोग कर रहे हैं।

    यह भी पढ़ेंवाराणसी के सभी सरकारी स्कूलों में साल के अंत तक स्थापित होंगी ICT लैब, छात्रों को मिलेगा डिजिटल कौशल!

    इसी क्रम में शुक्रवार की सुबह विज्ञानियों ने दो उत्कृष्ट देशी साहीवाल गायों से मल्टीपल ओव्यूलेशन एंड एम्ब्रियो ट्रांसफर (एमओईटी) पद्धति द्वारा कुल 31 भ्रूण प्राप्त किए। परियोजना का नेतृत्व कर रहे डा. मनीष कुमार, डा. कौस्तुभ के. सराफ व डा. अजीत सिंह कर रहे हैं। उन्होंन बताया कि इस तकनीक का उद्देश्य उच्च उत्पादकता वाली गायों से एक साथ कई भ्रूण प्राप्त कर उन्हें कम दूध देने वाली सरोगेट गायों में स्थानांतरित करके श्रेष्ठ नस्ल की दुधारू गायों की संख्या तेजी से बढ़ाना और बांझपन की समस्या का समाधान करना है।

    यह भी पढ़ें वाराणसी एयरपोर्ट पर नकली दुल्हन गिरफ्तार, हनीट्रैप का पर्दाफाश, ग‍िरोह का तरीका चौंका देगा आपको

    इस तकनीक को सेक्स-सार्टेड सीमेन के कृत्रिम गर्भाधान से जोड़कर कम समय में अधिक संख्या में उच्च गुणवत्ता वाली साहीवाल मादा बछियों का उत्पादन किया जा रहा है। बीएचयू बरकछा में अब तक तीन उच्च श्रेणी की साहीवाल मादा बछियां जन्म ले चुकी हैं, जो इस परियोजना की उपलब्धियों और संभावनाओं को दर्शाती हैं। प्रमुख अन्वेषक डा. मनीष कुमार ने कहा कि यह सफलता, पशुधन आनुवंशिकी के क्षेत्र में होने वाले और भी परिवर्तनकारी कार्यों की शुरुआत भर है। आगे और भी अच्छे परिणाम आएंगे।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें वाराणसी में ब्लैक राइस से ग्रामीण महिलाएं बनाएंगी सेहतमंद उत्पाद, IRRI करेगा सहयोग