ब्रिक्स CWG की बैठक में क्रिएटिव इकोनॉमी पर हुई चर्चा, कॉपीराइट में एआई के दखल पर चिंता
ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की वाराणसी बैठक में रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने कॉपीराइट संरक्षण में ...और पढ़ें
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ब्रिक्स CWG की बैठक में क्रिएटिव इकोनॉमी पर हुई चर्चा।

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की गुरुवार को होटल ताज में हुई बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर बल दिया। साथ ही कॉपीराइट के संरक्षण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दखल पर भी चिंता जतायी।
ब्रिक्स प्रतिनिधियों का समावेशी विकास, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने और डिजिटल नवाचार के लिए सकारात्मक साझा प्रयास पर मंथन हुआ।
बैठक में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी साझेदारी बढ़ाते हुए प्रमुख रूप से ऐसे कार्य करने का सुझाव दिया जिससे सामाजिक एकजुटता बढ़े और एक-दूसरे देश के बीच कला, संस्कृति का आदान- प्रदान हो सके।
विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को सहेजा जाए और उसका विश्व पटल पर उसकी विशेषता को भी प्रमुखता से उठाया जाए। सदस्य देशों ने एजेंडा मदों पर अपनी प्राथमिकताएं और दृष्टिकोण साझा किए।
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने संस्कृति कार्य समूह के एजेंडा पर अपने- अपने देश की प्राथमिकताएं और उसको लेकर किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। सुबह बैठक का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने की। दो पैनल में विस्तार से हुई चर्चा।
क्रिएटिव इकोनॉमी में नवाचार व साझेदारी पर चर्चा
पैनल में पहली चर्चा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में जन-सहयोग, नवाचार, साझेदारी और इस पर होने वाले कार्यों को लेकर हुई। इसका संचालन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने किया। चर्चा में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका के लिए साझा प्रयास और जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। इसमें सांस्कृतिक मूल्यों को समाहित करते हुए नवाचार को अपनाने पर बल दिया गया।
कॉपीराइट व इथिकल एआई में बढ़ाएं अच्छे प्रयास
दूसरी पैनल चर्चा में रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कॉपीराइट और नैतिक एआई के अच्छे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर मंथन हुआ। इसका संचालन आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी ने किया।
चर्चा में कॉपीराइट संरक्षण, सांस्कृतिक सुदृढ़ता और रचनात्मक कार्यों में एआइ के सार्थक उपयोग पर विचार- विमर्श किया गया। इस विषय पर ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच भविष्य में आपसी सहयोग के अवसरों पर सकारात्मक भूमिका अपनाते हुए आगे बढ़ने की बात कहीं।
तीन देशों के प्रतिनिधि वर्चुअल जुड़ेरचनात्मक अर्थव्यवस्था को होगा साझा प्रयास
ब्रिक्स सीडब्ल्यूजी की दूसरी बैठक में ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका व संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे। जबकि इथियोपिया, मिस्र व रूसी संघ के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
कलर्स आफ इंडिया देख मंत्रमुग्ध हुए विदेशी मेहमान
सीडब्ल्यूजी की मीटिंग के बाद कलर्स ऑफ इंडिया थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें भारत की समृद्ध संस्कृति और विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखी। सधी कलाकारी से कलाकारों ने विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया।
भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाने के लिए यहां के विभिन्न प्रांतों के विशिष्ट संगीत को कलाकारों ने प्रस्तुत किया। देश भर के शास्त्रीय और लोक नृत्य की श्रृंखला देख अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए। तालियों की गड़गड़ाहट से मेहमानों ने कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
आज सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर होगी चर्चा
ब्रिक्स सीडब्ल्यूूजी की बैठक शुक्रवार को भी होगी। इसमें सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर आगे की चर्चा की जाएगी। इसमें सदस्य देशों से आए प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। उम्मीद है कि इसमें एक समावेशी कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी जिस पर ब्रिक्स के सदस्य देश मिलकर काम करेंगे।
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