बसपा ने वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली में बनाए नए जिलाध्यक्ष, पार्टी ने बताई रणनीति
बसपा ने आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत वाराणसी मंडल के गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिलों में नए जिलाध्यक्षों ...और पढ़ें

बसपा ने वाराणसी मंडल में बदले जिलाध्यक्ष, 2027 चुनाव के लिए कसी कमर।
HighLights
बसपा ने वाराणसी मंडल में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए।
गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली में हुए संगठनात्मक बदलाव।
पार्टी ने पिछड़े वर्ग को जोड़ने की विशेष रणनीति बनाई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के आगामी संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारियों को धार देते हुए वाराणसी मंडल में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी हाईकमान की ओर से वाराणसी मंडल ज़ोन के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख जिलों—गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली के लिए नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई है। इस संबंध में पार्टी का आधिकारिक पत्र और दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
वाराणसी मंडल के इन चेहरों को मिली कमान
पार्टी द्वारा जारी की गई सूची के 'भाग-3' के अनुसार, वाराणसी मंडल के चारों महत्वपूर्ण जिलों में सांगठनिक मजबूती के लिए नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है:
गाजीपुर: श्री अजय कुमार भारती
जौनपुर: डॉ. संग्राम भारती
वाराणसी: श्री रमेश चन्द्र शास्त्री एडवोकेट
चंदौली: श्री प्रदीप कुमार
इन अनुभवी और सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी के कैडर को एकजुट करना और संगठन को अधिक प्रभावी बनाना है।
निचले स्तर के सांगठनिक ढांचे में कोई बदलाव नहीं
बसपा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि केवल शीर्ष पदों पर ही बदलाव किए गए हैं। पत्र के 'भाग-4' के अनुसार, बहुजन समाज पार्टी के संगठन के जिला, विधानसभा (वि.सभा), सेक्टर और पोलिंग बूथ स्तर की कमेटियों के मौजूदा प्रारूप (ढांचे) में किसी भी प्रकार की तब्दीली नहीं की गई है। यानी बूथ और सेक्टर स्तर पर कमेटियां अपने पुराने स्वरूप में ही कार्य करती रहेंगी, जिससे सांगठनिक कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए।
पिछड़े वर्ग को जोड़ने के लिए खास रणनीति
पार्टी ने सोशल इंजीनियरिंग और अपने पुराने आधार को और मजबूत करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है। पत्र के 'भाग-5' के तहत, पूरे वाराणसी मंडल में पिछड़े वर्ग (OBC) की विभिन्न जातियों को बसपा से जोड़ने के लिए पार्टी के तीन वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को मंडल स्तरीय संयोजक नियुक्त किया गया है। यह संयोजक पिछड़े वर्ग के हर वर्ग तक पहुंच बनाएंगे और उन्हें पार्टी की नीतियों से जोड़कर पार्टी का दायरा बढ़ाने का काम करेंगे।
बसपा के इस कदम को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति और पिछड़े वर्ग को साधने के लिए बनाई गई इस रणनीति से पूर्वांचल में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।

चोलापुर के रसड़ा गांव निवासी एडवोकेट रमेश चन्द्र शास्त्री को मिली जिम्मेदारी
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वाराणसी जिले के नए जिलाध्यक्ष के रूप में एडवोकेट रमेश चन्द्र शास्त्री को जिम्मेदारी सौंपी है। रमेश चन्द्र शास्त्री चोलापुर ब्लॉक के दानगंज क्षेत्र स्थित ग्राम सभा रसड़ा के निवासी हैं।
उनके जिलाध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के लोगों और समर्थकों में खुशी का माहौल है। समर्थकों ने इसे संगठन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका मानना है कि रमेश चन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में जिले में पार्टी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की दिशा में काम होगा।
वर्ष 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके सामने जिले में संगठन को सक्रिय करने और पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को गति देने की चुनौती होगी। समर्थकों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में वाराणसी जिले में पार्टी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करेगी।
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