यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वाराणसी में झुग्गी-झोपड़ियों पर गरजा नगर निगम का बुलडोजर, खाली कराई गई यूनिटी मॉल के लिए जगह
Varanasi News वाराणसी नगर निगम ने कज्जाकपुरा स्थित गंगा नगर कालोनी में झुग्गी-झोपड़ियों और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई यूनिटी ...और पढ़ें

HighLights
- कज्जाकपुरा के गंगानगर में नगर निगम ने ध्वस्त किए झुग्गी-झोपड़ी समेत अस्थायी निर्माण
- वाल्मीकि समुदाय के सफाईकर्मियों का लंबे समय से था विशाल भूखंड पर कब्जा
- नोटिस के बाद भी खाली करने में हीलाहवाली पर विरोध के बीच की गई कार्रवाई
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नगर निगम की टीम ने मंगलवार को कज्जाकपुरा स्थित गंगा नगर कालोनी में झुग्गी-झोपड़ी व अस्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए। इसमें निगम की टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ा। वाल्मीकि समुदाय से बस्ती खाली होने के बाद अब आदमपुर जोन कार्यालय के पास गंगा नगर कालोनी में यूनिटी माल निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया।
बनेगा बनारस का पहला यूनिटी माल, मिलेगा हस्तल्शिप को बढ़ावा
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आइजीआरएस की रैंकिंग में वाराणसी मंडल प्रदेश में अव्वल
लोक शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) की जनवरी माह की जारी रैंकिंग में वाराणसी मंडल अव्वल रहा। जनता की शिकायतों का समय से समाधान करने के कारण मंडल को यह उपलब्धि हासिल हुई है। कमिश्नर कौशलराज शर्मा ने बताया कि आइजीआरएस पोर्टल पर आने वाले संदर्भों का निस्तारण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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शासन की मंशा के अनुरूप जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से करने के लिए एक प्रारूप बनाया गया है। इस प्रारूप को पूरे मंडल में प्रभावी किया गया। इस वजह से शिकायतों की आख्याओं की गुणवत्ता बेहतर हुई है। इसके साथ ही मंडल के जिम्मेदार जनपदीय अधिकारियों की बैठक में शिकायतों के निस्तारण को लेकर कठोर रुख अपनाया गया। बारबार सुधार करने को कहा गया।
ऑनलाइन पोर्टल पर सतत मॉनीटरिंग की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि पोर्टल पर प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक तथा शाम 6 बजे तक लंबित प्रकरणों की संख्या शून्य हो। जांच के दौरान जो शिकायती पत्र निस्तारण योग्य नहीं पाया गया, उन प्रकरणों को आख्या प्राप्ति के कुछ ही घंटों भीतर अनुमोदित कर दिया गया। निस्तारण योग्य शिकायतों को तत्काल उसी दिन आख्या पोर्टल पर वापस जांचकर्ता अधिकारी को प्रेषित किया गया ताकि दोबारा जांच कर प्रभावी निस्तारण किया जाए।