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बाढ़ के बाद मणिकर्णिका घाट पर सफाई अभियान, गंगा की तलहटी से निकले 100 किलो कपड़े

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 22 Sep 2026 04:04 PM (IST)

गंगा का जलस्तर घटने के बाद मणिकर्णिका घाट पर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान नदी की तलहटी ...और पढ़ें

HighLights

  1. मणिकर्णिका घाट पर गंगा सफाई अभियान चलाया गया।

  2. नदी से लगभग 100 किलो कचरा और कपड़े निकाले गए।

  3. राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं से गंगा स्वच्छ रखने की अपील की।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा का जलस्तर घटने के बाद मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान नदी की तलहटी और किनारों से लगभग 100 किलो पुराने कपड़े और अन्य कचरा निकाला गया। यह अभियान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में नगर निगम की टीम द्वारा संचालित किया गया।

बाढ़ के पानी के उतरने के बाद घाटों पर सिल्ट, पॉलिथीन और पूजन सामग्री जमा हो जाती है, जिससे जलीय जीवन को नुकसान पहुंचता है। निकाले गए कपड़े और पॉलिथीन को नगर निगम को सौंपा गया। इस अवसर पर राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्नान या अनुष्ठान के बाद कपड़े गंगा में न छोड़ें। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति और पहचान है, इसे स्वच्छ बनाए रखने के लिए नागरिकों की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

सफाई अभियान का उद्देश्य गंगा नदी के किनारे की स्वच्छता को बनाए रखना और जलीय जीवन की सुरक्षा करना है। राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा का जल केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे गंगा की सफाई में सहयोग करें और इसे स्वच्छ रखने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करें।

इस अभियान में नगर निगम के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर घाटों की सफाई की और गंगा के किनारे से कचरा हटाया। इस प्रकार के अभियानों से न केवल गंगा की स्वच्छता में सुधार होता है, बल्कि यह समाज में जागरूकता भी फैलाता है।

राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा की सफाई के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा नियमित रूप से सफाई अभियान चलाए जाएंगे ताकि गंगा की स्वच्छता को बनाए रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा के प्रति हमारी जिम्मेदारी केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि हमें इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए भी प्रयास करना चाहिए।

इस सफाई अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गंगा केवल एक नदी नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। सभी नागरिकों को चाहिए कि वे गंगा की स्वच्छता के प्रति जागरूक रहें और इसे स्वच्छ रखने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें।

इस प्रकार के अभियानों से न केवल गंगा की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करेगा। गंगा की सफाई में सभी का योगदान आवश्यक है, ताकि हम इसे एक स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोत बना सकें।